
Lucknow, 31 अगस्त . उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की हत्या के मामले में Police ने 2 आरोपियों को गिफ्तार किया है.
जांच में पता चला कि धीरेंद्र प्रताप सिंह के ड्राइवर रवि किशन ने ही भरोसे का फायदा उठाकर हत्या की साजिश रची थी. Police के मुताबिक, आरोपियों ने पहले चलती गाड़ी में धीरेंद्र प्रताप सिंह को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और इसके बाद उन्हें दो गोलियां मारीं दी. हत्या के बाद शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया, जिससे लोगों का उस पर शक न जाए. वारदात के बाद आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह की गाड़ी को मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर फरार हो गए.
संयुक्त Police आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि Police को सूचना मिली थी कि किसी युवक का शव सड़क किनारे पड़ा है, इसके बाद मौके पर पहुंची Police टीम ने थाना को सुशांत गोल सिटी पर धीरेंद्र सिंह निवासी उन्नाव के अपहरण की सूचना दी. इस पर घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और डीसीपी साउथ के द्वारा 6 टीमों का गठन कर इस घटना का अनावरण और अभियुक्त की बरामदगी के लिए गठन कर लिया गया.
डीसीपी साउथ की टीम के द्वारा घटना का सफलतापूर्वक अनावरण करते हुए इस घटना में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उनकी निशानदेही पर शव भी बरामद कर लिया गया है.
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह के पास दो मोबाइल फोन थे. आरोपियों ने Police को गुमराह करने के लिए एक मोबाइल फोन ट्रेन में रख दिया था, जिससे उसकी लोकेशन लगातार बदलती रहे और Police भ्रमित हो जाए.
Police ने जब मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की तो पहले गोसाईगंज, हैदरगढ़ और अमेठी के जगदीशपुर इलाके में लोकेशन मिली. इसके बाद मोबाइल की आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली.
इस घटना में शामिल जो वाहन है उसको बरामद कर लिया गया है डेड बॉडी की पोस्टमार्टम पंचायतनामा की प्रक्रिया चल रही है दोनों अभियुक्त में प्रारंभिक छानबीन में जमीनी विवाद के कारण इस घटना को कार्य करने को बताया है .
घटना में कुछ अन्य अभियुक्त के नाम सामने में आए है, इसके लिए टीमें गठित कर ली गई है शीघ्र ही डीसीपी साउथ के नेतृत्व में अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए सभी तत्वों के जांच करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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एसएके/एएस