दिशा सालियन केस में सीबीआई की एफआईआर पर राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, पूछा-पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

Mumbai , 15 सितंबर . दिशा सालियन मामले में सीबीआई द्वारा First Information Report दर्ज किए जाने के बाद भाजपा विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिशा सालियन के पिता ने बार-बार न्याय की मांग की थी, लेकिन उस समय की तत्कालीन उद्धव ठाकरे Government ने उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की.

भाजपा विधायक राम कदम ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि दिशा सालियन के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या की गई और मौत से पहले उसके साथ ज्यादती व मारपीट की गई. उन्होंने गैंगरेप की आशंका भी जताई थी, लेकिन उस समय की Government ने इस मामले पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया था. इसके साथ ही इन आरोपों के बावजूद उस समय मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया और जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी गई.

उन्होंने एक स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए दावा किया कि पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने दिशा के शरीर पर अलग-अलग चोट और खरोंच के निशान होने की बात कही थी. राम कदम ने कहा कि इन सभी पहलुओं को देखते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए थी. उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि मामले में किसी राजनेता, Actor या अधिकारी की संलिप्तता नहीं थी, तो तत्कालीन Government को जांच कराने में संकोच क्यों हुआ.

राम कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे Government के कार्यकाल में मामले की जांच को गंभीरता से नहीं लिया गया. उन्होंने कहा कि दिशा के पिता लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया. अब सीबीआई की First Information Report में आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद मामले को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं.

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भी राम कदम ने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस का बचाव किया. उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय Maharashtra की परिस्थितियों से परिचित है और फडणवीस Government ने समुदाय की लगभग सभी मांगें पूरी की हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ मांगों पर अभी चर्चा चल रही है, लेकिन कुछ मांगें ऐसी हैं जिन्हें स्वीकार करने के बावजूद अदालत में कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. Government झूठे वादे करने या लोगों को गुमराह करने में विश्वास नहीं रखती.

वहीं, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने सवाल किया कि क्या वह न्यायपालिका से ऊपर हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और न्यायपालिका के निर्देश के बाद First Information Report दर्ज की गई है. राम कदम ने पूछा कि यदि अदालत ने जांच के संबंध में निर्देश दिया है, तो क्या उसका पालन नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

एसएके/वीसी

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