
Bhopal , 15 सितंबर . Madhya Pradesh की व्यापारिक नगरी इंदौर में 19 सितंबर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम होने जा रहा है, जिसमें Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिकरत करेंगे.
राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का दावा है कि इस आयोजन से देश में शिक्षा के मुद्दे पर नई और निर्णायक बहस की शुरुआत होगी. पूर्व मंत्री और मीडिया विभाग के अध्यक्ष नायक ने कहा कि इंदौर में आयोजित होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देश में शिक्षा के मुद्दे पर एक नई और निर्णायक बहस की शुरुआत करेगा. यह पहली बार हो रहा है जब देश की राजनीति में शिक्षा को इतनी मजबूती के साथ एक प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जा रहा है.
राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों की आवाज को केंद्र में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता को सामने रखा है. शिक्षा में उत्कृष्टता, कैंपस कल्चर में अनुशासन, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षा में नवाचार तथा शिक्षा को रोजगार और व्यावहारिक समझ से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश की Governmentों ने शिक्षा को वह प्राथमिकता नहीं दी, जिसकी वह हकदार थी. परिणामस्वरूप आज छात्र-युवा कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. फीस में असमानता, पेपर लीक, नियमित कक्षाओं का संचालन न होना, कैंपस में असुरक्षा और अराजकता तथा हॉस्टल में बेहतर शैक्षणिक वातावरण का अभाव ऐसे गंभीर प्रश्न हैं, जिन पर लंबे समय से प्रभावी ढंग से ध्यान नहीं दिया गया.
नायक ने कहा कि आज देश का युवा और छात्र जाग चुका है. वह अपने अधिकारों, शिक्षा और रोजगार के भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहा है. अब युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. छात्रों की गूंज केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों की आवाज को लोकतांत्रिक मंच देने का अभियान है.
उन्होंने कहा कि इंदौर में राहुल गांधी की छात्र-छात्राओं के साथ संवाद की पहल शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी. यह संवाद केवल समस्याओं की चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात पर भी मंथन करेगा कि India की शिक्षा व्यवस्था को किस तरह विश्वस्तरीय, रोजगारपरक, नवाचार आधारित और समान अवसर देने वाली बनाया जाए.
–
एसएनपी/डीकेपी