
New Delhi, 25 अगस्त . दिल्ली हाई कोर्ट ने विजय विहार Police स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को निर्देश दिया है कि वे एक महिला के लापता होने का मामला दर्ज करें और रोहिणी के एक आश्रम से लापता हुई उस महिला के ठिकाने का पता लगाएं.
साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि इस आध्यात्मिक संस्थान के कामकाज और मैनेजमेंट की जांच की जरूरत है.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने यह निर्देश महिला के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. माता-पिता ने राजधानी के रोहिणी इलाके में स्थित ‘अध्यात्मिक विद्यालय’ आश्रम से जुड़े लोगों की कस्टडी से अपनी बेटी को छुड़ाने की मांग की थी.
माता-पिता ने बताया कि उनकी सेहत खराब है और लगातार बिगड़ रही है, और ज्यादा उम्र होने के कारण उनकी देखभाल करने वाला कोई और नहीं है.
सुनवाई के दौरान, एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) आकांक्षा कौल ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोर्ट में मौजूद दो महिलाओं से बात की है, जो खुद को उस आध्यात्मिक संस्था की अनुयायी बताती हैं. उन्होंने बताया कि वह महिला अभी रोहिणी आश्रम में नहीं रह रही है, हालांकि उसका सामान अभी भी वहीं रखा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आश्रम के संस्थापक और आध्यात्मिक प्रमुख पर आपराधिक मुकदमा चल रहा था, वे मुकदमे के दौरान फरार हो गए थे, और अब उनके मरने की खबर है. यह जानकारी सीबीआई की ओर से पेश स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने दी.
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि एक संबंधित रिट याचिका में कुछ रिपोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद, इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि अभी आश्रम कौन चलाता है और उसका मैनेजमेंट कौन करता है, इसके और इससे जुड़े अन्य आश्रमों के लिए फंड कहां से आता है, और इन संस्थानों का मैनेजमेंट कैसे किया जा रहा है.
चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, “इन हालात को देखते हुए, हमारी राय है कि आश्रम के कामकाज और जिस तरह से इसे चलाया जा रहा है, उसकी जांच-पड़ताल होनी चाहिए.”
कोर्ट ने अपने सामने मौजूद दो महिलाओं के बयानों पर भी गौर किया.
उनमें से एक, प्रगति ने बताया कि वह दिल्ली के नांगलोई स्थित एक आश्रम में रह रही थी और सुनवाई वाले दिन रोहिणी आश्रम आई थी. दूसरी महिला, श्याम लता ने बताया कि वह किसी आश्रम में नहीं रहती थीं, लेकिन उसी आध्यात्मिक समूह से जुड़ी थीं.
यह देखते हुए कि महिला के लापता होने की बात कही गई थी, जबकि उनका सामान और कुछ अन्य चीजें रोहिणी आश्रम में ही थीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने विजय विहार Police स्टेशन के एसएचओ को लापता व्यक्ति का मामला दर्ज करने और उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए जांच करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने निर्देश दिया कि एसएचओ अगली सुनवाई की तारीख पर रिपोर्ट पेश करें और जांच के नतीजों के बारे में बेंच को जानकारी देने के लिए खुद मौजूद रहें.
कोर्ट ने दिल्ली Government के स्टैंडिंग काउंसिल, समीर वशिष्ठ से भी कहा कि वे संबंधित एसएचओ को इस आदेश के बारे में बताएं और जांच करने में हर जरूरी मदद दें. साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया कि रिकॉर्ड की जांच के बाद रिट याचिका में मौजूद जरूरी जानकारी Police अधिकारी को दी जाए.
इस मामले को एक संबंधित रिट याचिका के साथ 31 अगस्त को लिस्ट करने और इसे “हाई ऑन बोर्ड” रखने का आदेश दिया गया है.
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एएसएच/डीकेपी