5 हजार डॉलर से 50 हजार पेड़ तक: चीन-अमेरिका मैत्री की आशा जनता में मौजूद

बीजिंग, 25 अगस्त . हाल ही में अमेरिकी मित्र रोनाल्ड साकोल्स्की (चीनी उपनाम “साईकाओस”) और चीन के मरुस्थल संरक्षण नायक यिन यूजन का इनर मंगोलिया के ऑर्डोस हवाई अड्डे पर 20 से अधिक वर्षों बाद हुआ गले मिलना पूरे social media पर वायरल हो गया.

चीनी और अमेरिकी नेटिजन सामूहिक रूप से इस पारस्परिक प्रेम से भरे अंतर्राष्ट्रीय स्नेह की प्रशंसा कर रहे हैं. संबंधित विषय के कमेंट सेक्शन में “यही वह सुंदर संबंध हैं जो मानव जाति के लिए होने चाहिए” जैसे संदेशों से भरे पड़े हैं.

इस कहानी की शुरुआत 1999 में हुई: उस समय चीन में पढ़ा रहे साईकाओस को माओउसू रेगिस्तान में बसकर मरुस्थल संरक्षण करने की यिन यूजन की कहानी ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने विशेष रूप से 5000 अमेरिकी डॉलर इकट्ठा कर वनीकरण कार्य को समर्थन दिया. 20 से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद, उस राशि से लगाए गए पौधे अब 50 हजार से भी अधिक विशाल पेड़ बन चुके हैं.

इस साल मई महीने में यिन यूजन ने पूरे इंटरनेट पर “पुराने मित्र की तलाश” की और अंत में वर्षों से बिछड़े पुराने दोस्त को पा लिया. प्रशांत महासागर के पार फैली यह पारस्परिक कृतज्ञता की कहानी चीन-अमेरिका लोक स्तरीय संपर्क का सबसे ज्वलंत उदाहरण बन गई है.

दो देशों के बीच संबंध अंत में लोगों के बीच के संबंध ही होते हैं. चीन-अमेरिका संपर्क के इतिहास को देखें तो, फ्लाइंग टाइगर्स के चीनी सैनिकों के साथ जापानी आक्रमण के खिलाफ लड़ने से लेकर, दोनों देशों के संपर्क का द्वार खोलने वाली “पिंग पांग कूटनीति” तक, फिर प्रसिद्ध गूलिंग मैत्री कथा तक, भले ही दोनों देशों की ऐतिहासिक संस्कृति और विकास के मार्ग में अंतर हो, जनता के बीच की सद्भावना हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को तूफानों से पार करने वाली सबसे मजबूत कड़ी रही है.

वर्तमान में चीन-अमेरिका लोक स्तरीय संपर्क की गर्मी लगातार बढ़ रही है: अमेरिकी नेटिजन बड़ी संख्या में चीनी social media प्लेटफॉर्म शिआओहोंगशू पर आकर चीनी नेटिजनों से दैनिक जीवन की बातें करते हैं, “5 वर्ष में 50 हजार अमेरिकी युवाओं को चीन घुमाने का निमंत्रण” ढाई साल पहले पूरा हो गया है.

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कई बार अमेरिकी लोगों से चीन जाकर देखने का आग्रह किया है, उनकी मां मेये मस्क ने 5 महीने के अंदर दो बार चीन आकर कहा “चीन हर जगह जोश से भरा है.”

उधर, प्यू रिसर्च सेंटर के इस साल अप्रैल के सर्वेक्षण से पता चलता है कि चीन के प्रति सकारात्मक विचार रखने वाले अमेरिकी नागरिकों की संख्या 3 वर्ष में लगभग दोगुनी हो गई है, शिकागो विश्व मामले समिति के आंकड़े भी दिखाते हैं कि लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी युवा पीढ़ी चीन के साथ मित्रवत संपर्क का समर्थन करती है, चीन-अमेरिका मैत्री लंबे समय से जनता की इच्छा बन चुकी है.

इस बार पुनर्मिलन के बाद दोनों एक साथ माओउसू रेगिस्तान में लौट आए, और मिलकर तीन सदाबहार मैत्री के पेड़ लगाए. बूंद-बूंद सद्भावना मिलकर नदी बन जाती है, प्रशांत महासागर कभी भी दोनों देशों की जनता के बीच बाधा नहीं बन सकता. चीन और अमेरिका के Presidentयों की बैठक में “चीन-अमेरिका रचनात्मक रणनीतिक स्थिर संबंध” बनाने की नई रूपरेखा तय होने के साथ, जनता से बनी लोक स्तरीय संपर्क की धारा अंत में घने पत्तों वाली चीन-अमेरिका मैत्री के वन को पोषित करेगी.

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

एबीएम/

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