दिल्ली को मिलेगा अपना अलग पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर, सीएम रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का जताया आभार

New Delhi, 9 सितंबर . दिल्ली Government के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को अब अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर मिलने का रास्ता साफ हो गया है. केंद्र Government ने दिल्ली Government के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद करीब तीन दशक से लंबित इस मांग को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली के लिए अपना पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर बनाने की आवश्यकता करीब 30 वर्षों से लंबित थी. उन्होंने कहा कि उनकी Government ने इस दिशा में निर्णय लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और अब केंद्र Government की मंजूरी से दिल्ली को अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

Chief Minister ने कहा कि इस फैसले से विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को तेजी से भरा जा सकेगा. साथ ही परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में सुधार होगा, जिससे सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी.

उन्होंने इस उपलब्धि के लिए Prime Minister Narendra Modi का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र Government के सहयोग से राजधानी के विकास को नई शक्ति मिलेगी.

केंद्र Government के शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, दिल्ली Government के लोक निर्माण विभाग के 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग कैडर से अलग कर स्वतंत्र दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर के गठन के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है. पत्र में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया है.

दिल्ली Government में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए Prime Minister Narendra Modi का आभार जताया.

उन्होंने कहा, “30 वर्षों से अधिक समय से लंबित दिल्ली के एक बड़े सपने को साकार बनाने के लिए Prime Minister Narendra Modi का आभार. अलग दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर की मंजूरी एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे राजधानी में बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी.”

प्रवेश वर्मा ने कहा कि Chief Minister रेखा गुप्ता के नेतृत्व में Government यह सुनिश्चित करेगी कि यह प्रशासनिक सुधार बेहतर सड़कों, मजबूत पुलों और आधुनिक सार्वजनिक ढांचे के रूप में दिल्लीवासियों तक पहुंचे.

एएमटी/डीकेपी

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