
New Delhi, 21 सितंबर . दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने पर उठी चिंताओं के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने Monday को स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा.
सीईओ ने बयान जारी कर कहा कि जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं.
उन्होंने बताया कि फॉर्म निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) या बीएलओ के पास ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं. इसके अलावा वेबसाइट और इसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है.
सीईओ ने कहा कि 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाने का प्रस्ताव है, ताकि मतदाताओं को सहायता मिल सके.
उन्होंने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश जारी किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता.
सीईओ के अनुसार, ईसीआईनेट में मतदाता रिकॉर्ड में सुधार के लिए कुछ श्रेणी के मतदाताओं को सिस्टम जनरेटेड नोटिस भेजे जा रहे हैं. ये नोटिस केवल दो श्रेणियों के मतदाताओं को जारी किए गए हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं.
इनमें पहली श्रेणी वे मतदाता हैं, जिनका पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया, जबकि दूसरी श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं.
सीईओ ने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता ईआरओ या एईआरओ को जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दस्तावेजों की सूची केवल संकेतात्मक है, अंतिम फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि नोटिसों के निस्तारण के लिए 29 अक्टूबर 2026 तक समय निर्धारित है और पात्र मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे.
इसके अलावा 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली के सभी डीयूएसआईबी नाइट शेल्टर और बेघर लोगों के अन्य स्थानों पर बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स के लिए भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे.
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पात्रता सत्यापन के लिए करीब 32 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं. नोटिस पाने वालों में दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपPrime Minister एल.के. आडवाणी, BJP MP बांसुरी स्वराज, पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपChief Minister मनीष सिसोदिया, कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी, पूर्व उपPresident जगदीप धनखड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जैसी प्रमुख हस्तियां भी शामिल हैं.
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डीएससी