दिल्ली-एनसीआर में फिर से बारिश के आसार, रात में बढ़ेगा ठंड का अहसास

New Delhi, 15 अक्टूबर . दिल्ली-एनसीआर में मौसम फिर से बदलने लगा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं, 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है.

मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर तापमान के साथ-साथ वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है. बारिश होने से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे लोगों को बढ़ते प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. इस दौरान आर्द्रता का स्तर 85 से 65 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि, इस दिन मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.

16 अक्टूबर को मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है. इस दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. मौसम विभाग ने इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान दिया है. बारिश और बादलों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. रात के तापमान में गिरावट से सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है. इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.18 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. इस दिन आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है.

19 और 20 अक्टूबर को भी मौसम मुख्य रूप से साफ रहने के संकेत हैं. दोनों दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. इस तरह अगले कुछ दिनों में दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है, जबकि रात के तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ सुबह और देर रात मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है. मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है.

नोएडा के चार सक्रिय वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में सेक्टर-125 का एक्यूआई 193, सेक्टर-62 का 191, सेक्टर-1 का 130 और सेक्टर-116 का 140 दर्ज किया गया है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि नोएडा के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है. गाजियाबाद में भी अलग-अलग निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता में अंतर देखने को मिला. गोविंदपुरम में एक्यूआई 38 दर्ज किया गया, जबकि इंदिरापुरम में 195, लोनी में 278, संजय नगर में 224, वसुंधरा में 189, वेद विहार-लोनी में 230 और वेव सिटी में 200 का स्तर दर्ज किया गया. विशेष रूप से लोनी, वेद विहार-लोनी और संजय नगर के आंकड़े प्रदूषण की गंभीर स्थिति की ओर संकेत करते हैं.

दिल्ली के निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में भी कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर ऊंचा नजर आया. पूसा, दिल्ली-डीपीसीसी में एक्यूआई 162, पूसा-आईआईटीएम में 212, आरके पुरम में 218, रोहिणी में 209, शादीपुर में 122, सिरीफोर्ट में 217, सोनिया विहार में 248 और श्री अरबिंदो मार्ग पर 132 दर्ज किया गया. इन आंकड़ों के मुताबिक सोनिया विहार, आरके पुरम, सिरीफोर्ट, पूसा-आईआईटीएम और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश होने पर वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कण जमीन पर बैठ सकते हैं. इससे वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार देखने को मिल सकता है. हालांकि, बारिश से प्रदूषण पूरी तरह समाप्त नहीं होता.

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पीकेटी/वीकेयू

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