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Thursday, 29 October 2026
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दक्षिण कोरिया-फ्रांस रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत, उत्तर कोरिया-रूस सैन्य गठजोड़ पर चिंता

दक्षिण कोरिया-फ्रांस रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत, उत्तर कोरिया-रूस सैन्य गठजोड़ पर चिंता

सोल, 29 अगस्त . उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग पर दक्षिण कोरिया और फ्रांस ने चिंता जाहिर की. इसके साथ ही दोनों देशों ने रणनीतिक और रक्षा समन्वय मजबूत करने पर सहमति जताई. दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों ने कोरियाई प्रायद्वीप और यूरोप की सुरक्षा चुनौतियों के बीच बढ़ते आपसी संबंधों पर चर्चा की.

योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह चर्चा Friday को पेरिस में आयोजित रणनीतिक संवाद के दौरान हुई. दक्षिण कोरिया के नीति मामलों के उप रक्षा मंत्री किम होंग-चोल और फ्रांस के सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों के मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति के महानिदेशक गिलॉम ओलानिए ने बैठक में हिस्सा लिया.

बैठक में दोनों पक्षों ने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों का आकलन साझा किया. अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोप और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आपस में जुड़ गई है. ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक समन्वय को और मजबूत करने की जरूरत है.

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अपनी नीति से फ्रांस को अवगत कराया और इस दिशा में पेरिस से लगातार समर्थन और ध्यान बनाए रखने का आग्रह किया.

दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने पर भी सहमति जताई. इसके तहत गोपनीय सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े द्विपक्षीय समझौते में संशोधन की संभावना पर चर्चा हुई. साथ ही, संयुक्त सैन्य अभ्यास और विभिन्न सैन्य आदान-प्रदान के जरिये दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर सहमति बनी.

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब उत्तर कोरिया और रूस के सैन्य संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं. हाल में रूस ने यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया के सैन्य समर्थन की सार्वजनिक रूप से सराहना की है. उत्तर कोरिया द्वारा रूस को हथियार और सैन्य सहायता उपलब्ध कराने की रिपोर्टें भी सामने आती रही हैं.

दक्षिण कोरिया के लिए यह घटनाक्रम विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि सोल का मानना है कि रूस से बढ़ते सैन्य और तकनीकी संबंध उत्तर कोरिया की मिसाइल तथा परमाणु क्षमताओं को प्रभावित कर सकते हैं. इसी पृष्ठभूमि में सोल यूरोप के प्रमुख देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

दक्षिण कोरिया की फ्रांस के साथ बढ़ती रक्षा साझेदारी को केवल उत्तर कोरिया तक सीमित नहीं देखा जा रहा है. यूक्रेन युद्ध और हिंद-प्रशांत में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सोल यूरोपीय देशों के साथ सुरक्षा संबंधों को व्यापक बनाने की कोशिश कर रहा है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय भी महत्वपूर्ण है जब दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया को लेकर करीबी समन्वय बनाए रखने पर जोर दे रहा है और वाशिंगटन-प्योंगयांग के बीच संभावित बातचीत को लेकर भी सक्रिय है. सोल का कहना है कि किसी भी बातचीत से उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

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केआर/

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