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Friday, 16 October 2026
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‘तुम मेरे हो’ से प्रोड्यूसर बनीं देबीना, बोलीं- आइडिया गुरमीत का था मैंने सिर्फ साथ दिया

‘तुम मेरे हो’ से प्रोड्यूसर बनीं देबीना, बोलीं आइडिया गुरमीत का था मैंने सिर्फ साथ दिया

‘तुम मेरे हो’ से प्रोड्यूसर बनीं देबीना, बोलीं- आइडिया गुरमीत का था मैंने सिर्फ साथ दिया

Mumbai , 16 अक्टूबर . Actress देबीना बनर्जी आगामी रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ‘तुम मेरे हो’ के जरिए फिल्म निर्माता के तौर पर डेब्यू करने जा रही हैं. Actress ने बताया कि फिल्म बनाने का आइडिया उनके पति और Actor गुरमीत चौधरी का था, उन्होंने बस उनका साथ दिया है.

दरअसल, Actress ने पति गुरमीत चौधरी के साथ मिलकर अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस ‘देबगुरु फिल्म्स’ शुरू किया है और इस बैनर तले पहली फिल्म ‘तुम मेरे हो’ रिलीज होने जा रही है.

के साथ बातचीत में Actress देबीना बनर्जी ने बताया कि उनके पति और Actor गुरमीत चौधरी अपने हिसाब से फिल्में करना चाहते थे, और इसी वजह से उन्होंने खुद की फिल्में बनाने का फैसला लिया.

उन्होंने कहा, “फिल्म बनाने का आइडिया गुरमीत के दिमाग में आया था. मैं बस उसे देख रही थी और वह काफी बेचैन था, क्योंकि वह जानता था कि उसे किस तरह की फिल्म करनी है. वह एक रोमांटिक हीरो है, लेकिन जब भी उसे ओटीटी या कहीं और काम मिल रहा था, तो उसमें काफी एक्शन होता था. गुरमीत को एक्शन भी पसंद है, लेकिन उसका एक खूबसूरत रोमांटिक साइड भी है. उसकी आंखें, उसका चेहरा सब कुछ बोलता है. इसलिए उसे लगा कि जिस तरह की स्क्रिप्ट वह ढूंढ रहा था, वह उसे नहीं मिल रही थी. जब आपको वह नहीं मिलता जो आप चाहते हैं, तो बहुत कम लोगों में इसे अपने लिए बनाने की हिम्मत होती है.”

Actress ने आगे प्रोड्यूसर और एक्टर के बीच के फर्क पर भी बात की. उन्होंने बताया कि एक एक्टर के तौर पर आप सिर्फ अपने किरदार और खुद के बारे में सोचते हैं, लेकिन प्रोड्यूसर के तौर पर आपको सेट पर होने वाली हर छोटी-बड़ी चीज, बजट से लेकर पूरी टीम तक, हर चीज का ध्यान रखना होता है.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एक्टिंग फिल्ममेकिंग एक ऐसा फेज हैं, जहां आप बस अपनी चीजों का ध्यान रखते हैं और अपना काम काम करके निकल जाते हैं, लेकिन एक प्रोड्यूसर के तौर पर, आपको स्क्रिप्ट, सबके शेड्यूल, डेट्स, कॉस्ट्यूम्स, बजट और लोकेशन्स समेत हर छोटी-बड़ी चीज का ध्यान रखना होता है.”

उन्होंने आगे कहा, “आप कभी यह नहीं कह सकते कि नहीं, यह प्रोड्यूसर का काम नहीं है. एक प्रोड्यूसर के तौर पर आपको अलग-अलग डिपार्टमेंट, अलग-अलग चीजें संभालनी पड़ती हैं, लेकिन जब भी कोई गड़बड़ होती है, तो आपको ही आगे आकर उसे सुलझाना पड़ता है.”

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एनएस/एएस

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