डीडीए और आईएनटीएसी मिलकर कराएंगे दिल्ली की विरासत सैर, 24 अक्टूबर से शुरुआत

New Delhi, 22 अक्टूबर . दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (आईएनटीएसी) की दिल्ली शाखा के साथ विरासत और प्रकृति भ्रमण आयोजित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. एक अधिकारी ने Thursday को यह जानकारी दी.
एमओयू के तहत हर महीने दो विरासत और प्रकृति भ्रमण आयोजित किए जाएंगे. अधिकारी ने एक बयान में बताया कि इस पहल की शुरुआत 24 अक्टूबर को शाम 4 बजे महरौली पुरातत्व पार्क में विरासत भ्रमण के साथ होगी.
गाइडेड वॉक लोगों को शहर की समृद्ध ऐतिहासिक, स्थापत्य, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को जानने और सराहने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
बयान में कहा गया है कि भागीदारी शुल्क प्रति व्यक्ति प्रति भ्रमण 500 रुपए प्लस GST है.
इस माह के आरंभ में उपGovernor टीएस संधू ने संजय वन में दिल्लीवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ एक विरासत यात्रा का नेतृत्व किया और ‘दिल्ली रिज की खोज – दिल्ली के फेफड़ों की विरासत का पुनरुद्धार’ नामक ई-पुस्तक का विमोचन किया. उन्होंने डीडीए को पारिस्थितिकी संरक्षण, विरासत संरक्षण और दिल्लीवासियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए विरासत यात्राओं के आयोजन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया.
यह यात्रा प्रतिभागियों को पार्क की ऐतिहासिक संरचनाओं, स्थापत्य विशेषताओं और कम ज्ञात कहानियों से परिचित कराएगी, जिससे दिल्ली के इतिहास की कई परतों को जानने का अवसर मिलेगा.
डीडीए ने बताया कि प्रस्तावित 12 पदयात्राओं में छह स्थानों (छह महीनों के दौरान प्रत्येक स्थान पर दो-दो पद): संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज को शामिल किया जाएगा.
बयान में कहा गया है कि आईएनटीएसी दिल्ली चैप्टर डीडीए के समन्वय से मार्गों, विषयों और व्याख्यात्मक सामग्री का संकलन करेगा और विरासत विशेषज्ञों और गाइडों की व्यवस्था करेगा.
डीडीए ने कहा कि पदयात्राओं के सुचारू और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिभागियों और गाइडों के लिए पहुंच और अनुमतियों सहित आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समन्वय करेगा.
सार्थक संवाद सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पदयात्रा में अधिकतम 40 प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे. जनता की सुविधा के लिए, डीडीए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण उपलब्ध है, जिससे प्रतिभागी कहीं से भी पंजीकरण कर सकते हैं.
इस वर्ष की शुरुआत में डीडीए ने दिल्ली की समृद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए, विशेष रूप से छात्रों और युवाओं के बीच, विरासत सप्ताह का आयोजन किया था. सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों और आम जनता के लिए आकर्षक गतिविधियां शामिल थीं, जिससे शहर की ऐतिहासिक विरासत में लोगों की रुचि बढ़ी.
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एएसएच/डीकेपी


