ट्रंप की ‘न’ के बाद होर्मुज को लेकर अपनी शर्तों पर अड़ा ईरान

तेहरान, 27 सितंबर . ईरान ने होर्मुज होर्मुज को फिर से खोलने की अपनी शर्तों में किसी तरह का बदलाव न करने का फैसला किया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने Sunday को इसे लेकर बयान दिया.

ईरान ने अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को ठुकराने के बाद अपना रुख स्पष्ट किया.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसा जलमार्ग है जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत अहम है. यही अब वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे टकराव का केंद्र बन गया है. यह टकराव लगभग सात महीने पहले ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था.

विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरान की योजना में मध्य-पूर्व (लेबनान सहित) में सभी तरह की शत्रुता को खत्म करना और उस युद्धविराम समझौते की शर्तों को पूरा करना शामिल था जो महीनों पहले टूट गया था.

होर्मुज को लेकर हुई लड़ाई के दौरान टूटे उस समझौते में ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करने की बात कही गई थी.

ईरान के Governmentी प्रसारक आईआरआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने Sunday को कहा, “हमारी शर्तें स्पष्ट हैं, और होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में कोई भी कदम इन शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करेगा. हम इनसे पीछे नहीं हटेंगे.”

उन्होंने कहा, “हमने कूटनीति या संवाद के दरवाजे कभी बंद नहीं किए, लेकिन साथ ही, हम अपने अधिकारों से कभी पीछे नहीं हटे हैं.”

ट्रंप ने Saturday को कहा था कि उन्होंने युद्धविराम समझौते को ठुकरा दिया.

पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी President ने कहा, “वे एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिसमें वे तुरंत स्ट्रेट को खोल दें क्योंकि उन्हें बहुत बुरी तरह हार का सामना करना पड़ रहा है. वे समझौता करना चाहते हैं और मुझे लगता है कि यह ठीक है. मुझे भी समझौता करना पसंद है.”

अराघची ने Sunday को कहा कि ईरानियों ने “अमेरिकी President की पहली प्रतिक्रिया देखी, लेकिन अब तक मध्यस्थों की ओर से हमें कुछ भी नहीं बताया गया है.”

वाशिंगटन और तेहरान ने जून में Pakistan की मध्यस्थता में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य युद्ध को खत्म करना, होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना था.

लेकिन कुछ समय बाद ही यह समझौता टूट गया जब ईरान ने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी की. ईरान का आरोप था कि ये जहाज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तय रास्ते से भटक गए थे.

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केआर/

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