ज्ञानेश कुमार के विरोध में एकजुट हुआ विपक्ष, बीजेडी भी शामिल; भाजपा बोली-नौटंकी चालू

New Delhi, 6 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस प्रदर्शन में बीजू जनता दल भी शामिल हुई है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इस कदम को नौटंकी करार दिया है.

दिल्ली में बीजेडी सांसद सुलता देव ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जो किया, वह लोकतंत्र की हत्या है. जहां तक एसआईआर प्रक्रिया की बात है, Odisha में 27.50 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं. पूरे देश में 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए हैं. यह किसके कहने पर किया गया? यह किस तरह का लोकतंत्र है? यह लोकतंत्र बिल्कुल नहीं है.”

सांसद ने भद्रक जिले के धामनगर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां यह बात कुछ हद तक साबित भी हुई है. उन्होंने कहा, “धामनगर में बीएलओ ने आपत्ति जताई और सामने आकर बताया कि क्या हो रहा था. इसके बाद ईआरओ को भी सस्पेंड कर दिया गया. “

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भाजपा दफ्तर से आदेश मिल रहे थे और वह उन पर दस्तखत कर रहे थे.

सुलता देव ने स्पष्ट किया कि बीजेडी का रुख दोनों गठबंधनों से अलग है. उन्होंने कहा, “हमारे नेता नवीन Patnaयक का यह साफ बयान है कि हम न तो इंडिया गठबंधन के साथ हैं और न ही एनडीए के साथ. एक जिम्मेदार Political पार्टी के तौर पर अपने लोगों के लिए आवाज उठाना हमारा अधिकार है. नवीन Patnaयक शुरू से ही ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.”

वहीं, रांची में भाजपा के पूर्व सांसद दीपक प्रकाश ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, “नौटंकीबाज नौटंकी करने से बाज नहीं आ रहे. ये देश की जनता के सामने जोकर की तरह व्यवहार कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि विपक्ष को किसी भी संवैधानिक संस्था पर भरोसा नहीं है. न उनको Supreme Court पर विश्वास है, न सीएजी पर विश्वास है, न संसद पर विश्वास है और न ही चुनाव आयोग पर विश्वास है.”

दीपक प्रकाश ने कहा, “अगर उनको चुनाव आयोग में गड़बड़ी लगती है, तो Jharkhand में उन्होंने चुनाव जीता है, यहां के विधायकों को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वो भी ईवीएम मशीन के द्वारा जीते हैं. चुनाव आयोग द्वारा संचालित चुनाव में जीते हुए कर्नाटक के विधायकों को भी इस्तीफा देना चाहिए. तब पता चलेगा कि नैतिकता भी कोई चीज है, लेकिन इनमें नैतिकता नाम की कोई चीज ही नहीं है, यह सिर्फ नौटंकीबाजी है.”

–

पीआईएम/पीएम

Leave a Comment