जोधपुर हाईकोर्ट भवन मामले में निर्माण खामियों की एसआईटी जांच के बाद 7 गिरफ्तार, 1 हिरासत में

जोधपुर, 9 सितंबर . जोधपुर Police ने Rajasthan उच्च न्यायालय के नए भवन में अनियमितताओं और गंभीर निर्माण दोषों की जांच के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और आठवें व्यक्ति को हिरासत में लिया है.

Police आयुक्त अंशुमन भोमिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच और गिरफ्तारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. Police के अनुसार, एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने निर्माण कंपनी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली से जुड़े फर्मों और व्यक्तियों तथा परियोजना की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिकाओं को संदिग्ध पाया.

Police के अनुसार, नए उच्च न्यायालय भवन का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था और 2019 में इसे सौंप दिया गया था. हस्तांतरण के बाद कई तरह की खामियों की सूचना मिली, जिनमें फॉल्स सीलिंग का गिरना, कोर्टरूम नंबर 2 में आग लगना, केंद्रीय गुंबद में दरारें और स्तंभों को नुकसान शामिल हैं.

इसके बाद, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी बॉम्बे और पीटीएमईएस सहित कई संस्थानों ने भवन की स्थिति का आकलन करने के लिए ऑडिट और सर्वेक्षण किए.

जांच के निष्कर्षों के आधार पर, Police ने विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. इमारत से नमूने एकत्र कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए, साथ ही विशेषज्ञों की राय भी ली गई.

Police ने कहा कि जांच में निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनियों, काम को अंजाम देने में शामिल एजेंसियों और अग्नि सुरक्षा प्रणाली को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका के बारे में सवाल उठे हैं.

इस परियोजना की देखरेख और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार Rajasthan राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई.

Police आयुक्त के अनुसार, जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो अधिकारियों द्वारा कथित आपराधिक विश्वासघात की ओर इशारा करते हैं.

संदिग्धों का पता लगाने के लिए Police ने 12 विशेष टीमें और चार साइबर टीमें गठित कीं. Rajasthan में जोधपुर, jaipur, कोटा, बूंदी और अजमेर सहित कई स्थानों पर, साथ ही पंजाब में अलवर, दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम, नोएडा, पटियाला और कपूरथला और उत्तराखंड में हरिद्वार में छापेमारी की गई.

Police ने बताया कि परियोजना से जुड़ी प्रमुख निर्माण कंपनी वीसीएल ग्रुप/वरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वरेंद्र गर्ग को Monday देर रात हरिद्वार में हिरासत में लिया गया.

Police के अनुसार, गर्ग गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था. तकनीकी निगरानी और अन्य राज्यों की Police के साथ समन्वय की मदद से उसका पता लगाया गया.

जोधपुर Police ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. Police ने बताया कि इस मामले में आठ लोगों की पहचान की जा चुकी है. सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आठवें संदिग्ध की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है.

गिरफ्तार किए गए लोगों में जितेंद्र शर्मा (उस समय आरएसआरडीसी में सहायक अभियंता), नवीन राय (उस समय आरएसआरडीसी में परियोजना प्रबंधक), रामेश्वर दयाल और गोपाल लाल (जो अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना से जुड़े थे), दीपक मित्तल (पूर्व में आरएसआरडीसी में कार्यरत और वर्तमान में jaipur में कार्यकारी अभियंता) और अजय किशन मुथा (उस समय आरएसआरडीसी में सहायक अभियंता) शामिल हैं.

Police ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. जांचकर्ताओं ने कहा कि अगर जांच में अतिरिक्त व्यक्तियों, अधिकारियों या कंपनियों की संलिप्तता साबित होती है तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

एसएके/पीएम

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