जगन मोहन रेड्डी अगले साल सितंबर-अक्टूबर में पदयात्रा शुरू करेंगे

अमरावती, 9 सितंबर . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने Wednesday को घोषणा की कि वे 2029 के चुनावों से पहले लोगों के मुद्दों को उठाने और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव मजबूत करने के लिए सितंबर या अक्टूबर 2027 में राज्यव्यापी पदयात्रा शुरू करेंगे.

जगन मोहन रेड्डी ने ताडेपल्ली में वाईएसआरसीपी के सेंट्रल ऑफिस में परचुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में यह घोषणा की.

उन्होंने कहा, “पलक झपकते ही ढाई साल बीत गए हैं और एक और साल भी उतनी ही तेज़ी से बीत जाएगा. मेरी पदयात्रा अगले साल सितंबर या अक्टूबर में शुरू होगी और यह परचुर से भी गुजरेगी.”

उन्होंने कहा कि लोगों ने वाईएसआरसीपी के पांच साल के शासन की तुलना मौजूदा चंद्रबाबू नायडू Government से करना शुरू कर दिया है और वे साफ तौर पर अंतर देख रहे हैं.

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि वाईएसआरसीपी ने अपने 99 प्रतिशत वादों को पूरा करके अपने घोषणापत्र की विश्वसनीयता साबित की है. इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव से पहले अपने और पवन कल्याण के हस्ताक्षर वाले बॉन्ड बांटे थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद वादों को छोड़ दिया.

आने वाली Political लड़ाई को “कुरुक्षेत्र संग्राम” बताते हुए, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहने और Governmentी मशीनरी के किसी भी दुरुपयोग का मुकाबला करने का आग्रह किया. 2017 के नंद्याल उपचुनाव और उसके बाद की Political घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दमन से कभी भी स्थायी Political सफलता नहीं मिल सकती.

उन्होंने कहा, “जब भी और जैसे भी चुनाव हों, वाईएसआरसीपी लोगों के साथ खड़ी रहेगी. अगर चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जाते हैं, तो वाईएसआरसीपी जीतेगी. भले ही ऐसा न हो, हम मजबूती से लड़ेंगे.”

जगन मोहन रेड्डी ने दावा किया कि चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी-गठबंधन Government के ख़िलाफ़ जनता में व्यापक नाराज़गी है.

उन्होंने कहा, “एक शासक को हमेशा अच्छे काम करने चाहिए और उन्हीं के आधार पर वोट मांगना चाहिए. तभी भगवान उन्हें आशीर्वाद देंगे और लोग उनका समर्थन करेंगे. लोग झूठ और आक्रामक व्यवहार को हमेशा बर्दाश्त नहीं करेंगे.”

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि हर घर में वाईएसआरसीपी के पांच साल के शासन और चंद्रबाबू नायडू के ढाई साल के कार्यकाल के बीच के अंतर पर चर्चा हो रही है.

वाईएसआरसीपी Government की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा, “हमारा शासन ऐसा था कि पार्टी का हर कार्यकर्ता गर्व के साथ इसके बारे में बात कर सकता था और आत्मविश्वास के साथ किसी भी घर जा सकता था. वाईएसआरसीपी का कोई भी कार्यकर्ता किसी भी घर में जा सकता था और हमारी उपलब्धियों के बारे में गर्व से बात कर सकता था.” उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने घोषणापत्र के साथ हर घर में बॉन्ड भी भेजे थे; फिर भी, चुनाव के बाद उस घोषणापत्र का कोई अता-पता नहीं चला.

एससीएच

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