जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहिए: मुख्यमंत्री योगी

Lucknow, 4 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें बिखरा हुआ और जातीय खेमों में आपस में लड़ता India नहीं, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ India चाहिए. जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्र और India माता के प्रति अपराध है. गुलामी के दौर में भी एक वर्ग समाज को बांटता था, जबकि दूसरा समाज को जोड़कर स्वाधीनता की हुंकार भरता था. आज भी वही प्रवृत्ति अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रही है. ऐसे में शिक्षक समाज की जिम्मेदारी है कि विभाजनकारी ताकतों को सफल न होने दे.

Chief Minister Sunday को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ. Chief Minister ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया. Chief Minister ने गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी को नमन करते हुए कहा कि गायत्री परिवार ने यज्ञ के माध्यम से समाज को जोड़कर सामाजिक एकता का आदर्श प्रस्तुत किया.

पंडित श्रीराम शर्मा संगठन को अपना नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने विचार को प्रधानता दी. व्यक्ति के नाम पर चलने वाले संगठन धराशायी हो जाते हैं, जबकि विचार लंबी यात्रा करता है. गायत्री परिवार की 100 वर्षों की साधना इसका प्रमाण है. उन्होंने कहा कि 1923 में गीता प्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई. रास्ते अलग थे, लेकिन तीनों ने जनचेतना जगाने और समाज को सनातन मूल्यों, India और भारतीयता से जोड़ने का काम किया.

Chief Minister ने शिक्षकों को समाज की चेतना और युग निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक जागृत होकर ईमानदारी से दायित्व निभाए तो India को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी. India की आचार्य और गुरुकुल परंपरा ने तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय दिए. इसी परंपरा ने चाणक्य-चंद्रगुप्त, महर्षि वशिष्ठ-श्रीराम और महर्षि सांदीपनि-कृष्ण दिए. इस परंपरा को फिर जीवंत करना होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का जुड़ना महत्वपूर्ण है. युवा पीढ़ी का सही मार्गदर्शन कर उसे प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएंगे तो आज का युवा ही India का भाग्य विधाता बनेगा.

Chief Minister ने कहा कि संयुक्त परिवार India की ताकत रहे हैं. परिवार सीमित होने के साथ बिखराव और तनाव बढ़ा है. गायत्री परिवार को समाज के साथ परिवारों को जोड़ने का दायित्व भी निभाना होगा. प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती, इसलिए समाज में भी भेदभाव का स्थान नहीं होना चाहिए. Chief Minister ने बताया कि प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधे लगाए गए हैं. इस वर्ष 35 करोड़ पौधारोपण हुआ. पौधों के संरक्षण और निगरानी की भी व्यवस्था की गई है. उन्होंने नदियों को मानव शरीर की धमनियों जैसा बताते हुए कहा कि जीवनदायिनी नदियों को बचाकर उन्हें अविरल और निर्मल बनाना होगा.

Chief Minister ने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष के लिए गुलामी की मानसिकता त्यागने, विरासत पर गौरव करने, सामाजिक समता और विकसित India के लिए काम करने का संकल्प लेना होगा. हर व्यक्ति अधिकार से अधिक कर्तव्य को महत्व दे तो India को दुनिया की कोई ताकत आंख नहीं दिखा सकती. उन्होंने गायत्री परिवार से अगले 100 वर्षों का लक्ष्य तय करने और शिक्षकों से 2047 के विकसित India के लिए युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का आह्वान किया.

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूलों को सम्मानित किया गया. इनमें सीतापुर के सीतापुर इंटर कॉलेज व आशुतोष बृजभवन लाल इंटर कॉलेज, रायबरेली का चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल, Lucknow के Lucknow पब्लिक स्कूल व सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गाजियाबाद का डॉ. केएन मोदी साइंस एंड वाणिज्य इंटर कॉलेज, अमेठी का शिव प्रताप इंटर कॉलेज, बुलंदशहर का अमर सिंह इंटर कॉलेज, चित्रकूट का चित्रकूट इंटर कॉलेज और मुजफ्फरनगर का एमजी पब्लिक स्कूल शामिल हैं.

विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा का बजट बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर घटी है. मेरिट से शिक्षकों की नियुक्तियां हुईं और स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधाएं बढ़ी हैं. उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया. डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, स्वार्थ और संकीर्णता आज मनुष्य के भीतर की चुनौती हैं. धर्म, न्याय, नीति, मूल्य और सदाचार को मजबूत करना होगा. भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल भाव को स्थापित करना है.

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विकेटी/एएस

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