भुवनेश्वर: ओडिशा में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव बहाल, 15 अक्टूबर को डाले जाएंगे वोट

भुवनेश्वर, 5 अक्टूबर . Odisha में करीब नौ साल के लंबे अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं. उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने बताया कि छात्र संघ चुनाव 2026-27 के लिए राज्य Government ने मंजूरी दे दी है और 15 अक्टूबर को मतदान होगा. लंबे समय बाद होने जा रहे ये चुनाव छात्र समाज के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर हैं. मंत्री ने बताया कि 7 अक्टूबर को सभी कॉलेजों की ओर से चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जबकि 9 अक्टूबर को नामांकन की प्रक्रिया होगी. इसके बाद 15 अक्टूबर को चुनाव कराए जाएंगे.

सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि आज के छात्र ही आने वाले समय में समाज का नेतृत्व करेंगे. ऐसे में छात्र संघ चुनाव उनके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नेतृत्व का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. लंबे समय से कैंपस में छात्र नेतृत्व की प्रक्रिया प्रभावित रही थी, जिसकी वजह से नीतियों में छात्रों की आवाज पर्याप्त रूप से सामने नहीं आ पा रही थी. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी एनईपी के कार्यान्वयन से लेकर इंटर्नशिप जैसी योजनाओं को जमीन पर लागू करने तक छात्रों की सोच और उन पर पड़ने वाले प्रभाव को नीतियों में प्रतिबिंबित करना जरूरी है. छात्र संघ चुनाव के बाद छात्रों को अपनी बात रखने और अपनी समस्याओं और सुझावों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाने का अवसर मिलेगा. उन्होंने इसे भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया.

छात्र चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना Government का दायित्व है. कानून-व्यवस्था को बहाना बनाकर छात्र संसद या छात्र संघ चुनाव को बंद करना और छात्रों को उनके अधिकार से वंचित करना उचित नहीं होगा. चुनाव के दौरान प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो. किसी भी परिस्थिति में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए.

सूर्यवंशी सूरज ने छात्र संगठनों और चुनाव में हिस्सा लेने वाले सभी विद्यार्थियों से फ्री एंड फेयर तरीके से चुनाव में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्र लोकतंत्र में सभी को सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए, लेकिन चुनाव के दौरान हिंसा से पूरी तरह बचना होगा. चुनाव में जो भी उम्मीदवार जीतेगा, वह छात्र समुदाय का नेता बनेगा और भविष्य में समाज के नेतृत्व की भूमिका निभाएगा. इसलिए चुनाव लड़ते समय छात्रों को इसी भावना को ध्यान में रखना चाहिए.

मंत्री ने आगे कहा कि छात्र संघ चुनाव केवल पद हासिल करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह छात्रों को लोकतंत्र, नेतृत्व और जिम्मेदारी का अनुभव देने का अवसर भी है.

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पीएसके

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