
श्रीनगर, 4 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में ऑपरेशन ‘अशदार’ के दौरान Friday को एक आतंकवादी मारा गया. इलाके में तलाशी अभियान जारी है.
सेना ने बताया कि Friday को सेंट्रल कश्मीर के बडगाम जिले के अशदार गली इलाके में चल रहे ऑपरेशन के दूसरे दिन एक आतंकवादी मारा गया. यह ऑपरेशन Thursday शाम को शुरू हुआ था और Friday सुबह रोशनी होते ही इसे फिर से शुरू किया गया. Thursday शाम इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) के दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई देने के बाद सेना की पेट्रोलिंग टीम का आतंकवादियों से आमना-सामना हुआ.
Friday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सेना की बादामी बाग स्थित चिनार कोर ने कहा, “‘ऑपरेशन ‘अशदार’, बडगाम. खास खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर Police और श्रीनगर के सीआरपीएफ ने बडगाम के अशदार गली इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया.”
“सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे जबरदस्त गोलीबारी हुई. इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया. एक एके राइफल व युद्ध से जुड़े अन्य सामान बरामद किया गया.”
सेना ने 1995 में बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ शहर में आतंकवाद विरोधी सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया था, जहां कश्मीर के संरक्षक सूफी संत शेख नूरुद्दीन वली की दरगाह स्थित है.
दरअसल, Pakistanी आतंकवादी कमांडर मस्त गुल शहर में घुस गया और दरगाह को घेर लिया था. सेना ने शहर को चारों ओर से घेर लिया और आतंकवादियों के लिए बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद कर दिए. आम नागरिकों की मौत और दरगाह को नुकसान पहुंचने के खतरे से बचने के लिए सेना शहर के अंदर नहीं गई.
यह गतिरोध 66 दिनों तक चला, जिसके बाद मस्त गुल ने दरगाह में आग लगा दी, जिससे शहर में पास के घर भी जल गए. जब सेना, Police, अर्धसैनिक बलों और नागरिक प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया, तो मस्त गुल शहर से भागने में कामयाब रहा और कश्मीर की सबसे पवित्र सूफी दरगाह को नष्ट करने के बाद आखिरकार Pakistan भाग गया. इस ऑपरेशन में बीस आतंकवादी और चार नागरिक मारे गए. वहीं सेना के दो जवान शहीद हो गए.
–
डीके/वीसी