
श्रीनगर, 3 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर के गुंडोह के सोशल एक्टिविस्ट रफाकत मीर ने अधिकारियों से Prime Minister आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) बेनिफिशियरी लिस्ट को फिर से वेरिफाई करने का आग्रह किया ताकि यह पक्का हो सके कि योग्य परिवार को स्कीम का फायदा मिले.
इसको लेकर सोशल एक्टिविस्ट रफाकत मीर ने Saturday को समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि Government ने यह टारगेट सेट किया हुआ था कि 2026 तक हर उस गरीब को घर मिलेगा. जिस गरीब के पास अपना घर नहीं है, उन सबको पक्का घर मिलेगा.
सर्वे होने के बाद सब खुश हो गए थे कि हमारा नाम इस बार पहली बार Prime Minister ग्रामीण आवास योजना के लिस्ट में आया है. हमें पक्का मकान मिलेगा, लेकिन सर्वे होने के 2-3 महीने के बाद जब 2-3 बार ग्राम सभा हुई, ग्राम सभा में उन गरीबों को चुना गया कि किन लोगों को मकान मिलेगा जो डिजर्व करते हैं. जब उनको मकान देने की बारी आई तो उनके नाम को डिस्प्यूट में डाल दिया गया है.
उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में हमारे जो बलहेसा है, खासकर कहरा में से लोगों का नाम डिस्प्यूट लिस्ट में ज्यादा है. इसमें 13 पंचायतें पड़ती हैं. उन 13 पंचायतों में बहुत सारे ऐसे गरीब लोग हैं, जिनको डिस्प्यूट में डाला गया है. यहां डिस्प्यूट का मतलब हमें समझ नहीं आ रहा है कि किस तरह से वे डिस्प्यूट में हुए.
उन्होंने कहा कि अगर कुछ गरीब लोगों को केंद्र और राज्य की Government मकान देने जा रही थी, तो जो अधिकारी इसमें सम्मिलित हैं. उन्होंने किस बुनियाद पर लोगों को डिस्प्यूट में डाला है. डिस्प्यूट की लिस्ट सामने आने से यहां के गरीब लोग काफी परेशान हैं. कोई भी इस पर बात सुनने के लिए तैयार नहीं है. हम यहां के प्रशासन और एसीडी साहब से गुजारिश करते हैं कि यहां के जो गरीब लोग काफी मुश्किलों से एक छोटे से मकान में रह रहे हैं, उन्हें मकान दिलवाएं.
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डीके/वीसी