जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संयुक्त बलों ने हथियार और गोला-बारूद किया बरामद

जम्मू, 13 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में Tuesday को संयुक्त सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया.

एक अधिकारी ने बताया, “सेना और जम्मू-कश्मीर Police की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. बरामद सामान में एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, फ्यूज सहित छह ग्रेनेड, 7.62 मिमी के 30 कारतूस, खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं.”

मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अन्य विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है.

सुरक्षा बलों ने राजौरी और पुंछ जिलों में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं. इन अभियानों का उद्देश्य स्थानीय ठिकानों को नष्ट करना, घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना और विदेशी आतंकवादी समूहों का पता लगाना है.

Tuesday के अभियान में राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर Police सहित संयुक्त बलों ने सथरबन इलाके में एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया.

संयुक्त अभियान के दौरान पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र के सथरबन इलाके में एक प्राकृतिक गुफा में बने ठिकाने का पता चला, जहां से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए.

इस वर्ष की शुरुआत में सेना ने पुंछ के खारी कर्मारा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो संदिग्ध फिदायीन आतंकवादियों को मार गिराया था.

मई-जून 2026 में चलाए गए ऑपरेशन शेरूवाली के तहत संयुक्त सुरक्षा बलों ने कई दिनों तक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया था. यह अभियान राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र के दोरीमल-गंभीर मोगला और पुंछ के सुरनकोट के घने जंगलों में सक्रिय विदेशी आतंकवादियों के समूहों को निशाना बनाकर चलाया गया था.

सितंबर में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी और अक्टूबर में भी ऐसे अभियान जारी हैं.

सेना, जम्मू-कश्मीर Police, सीआरपीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीमें राजौरी के पीर खाना, पोथा नरोटा और कालाकोट सहित संवेदनशील इलाकों में तथा पुंछ के मेंढर और सुरनकोट सेक्टरों में लगातार अभियान चला रही हैं.

पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, कठुआ, रामबन और उधमपुर के घने जंगलों वाले इलाकों में Pakistanी आतंकवादियों की मौजूदगी की रिपोर्टों के बाद आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार जारी हैं.

इन अभियानों में पैरा कमांडो और अन्य विशेष बलों को लगाया गया है, जिन्हें घने जंगलों और कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान चलाने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है.

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एएमटी/डीकेपी

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