
Lucknow, 7 सितंबर . उत्तर प्रदेश के उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने Monday को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण महज कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही, संवेदनहीनता या अनावश्यक देरी को Government गंभीरता से लेगी और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.
Lucknow स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने उपChief Minister के सामने भूमि और राजस्व विवाद, अवैध कब्जे, आवास, पेंशन, चिकित्सा, बिजली, सड़क, पेयजल, Police, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें रखीं. मौर्य ने एक-एक फरियादी की समस्या सुनी और संबंधित अधिकारियों को मामलों की मौके पर जांच कराकर नियमानुसार तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार Governmentी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायतें सुनने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह Government और जनता के बीच सीधे संवाद तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम है.
उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब तभी सार्थक है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और जरूरतमंद की आवाज प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचे. Government का प्रयास है कि पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार समय पर मिले और किसी पीड़ित को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े. जनता दर्शन में महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया.
मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में मानवीय संवेदना के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन से ही आम लोगों का Government और व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है. भूमि विवाद और Governmentी अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर उपChief Minister ने विशेष गंभीरता दिखाई. उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों और Police अधिकारियों को राजस्व एवं Police विभाग की संयुक्त टीम गठित कर आवश्यकतानुसार मौके पर जांच कराने और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर लोगों की भूमि पर कब्जा करने या उन्हें डराने-धमकाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायत के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय समस्या की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए.
उपChief Minister ने कहा, “जनता का विश्वास Government की सबसे बड़ी ताकत है. Government का दायित्व है कि हर फरियादी की बात सुने, पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाए और पीड़ित को न्याय उपलब्ध कराए.” उन्होंने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सेवा में तत्परता, पारदर्शिता और जवाबदेही से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.
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विकेटी/डीकेपी