
New Delhi, 8 सितंबर . पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) Government पर तीखा हमला बोला है. Tuesday को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संगरूर जिले के रहने वाले दलित समुदाय के गुलजार सिंह की मौत का मामला उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में Chief Minister भगवंत मान की Government के दौरान ड्रग्स का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है और Government इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा यह प्रेस कॉन्फ्रेंस “बहुत भारी मन और गहरे दुख” के साथ कर रही है. भाजपा पहले भी पंजाब से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठा चुकी है, लेकिन गुलजार सिंह की मौत की घटना बेहद पीड़ादायक है. गुलजार सिंह ने अपने गांव में पहुंचे पंजाब Government के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने अपने बेटे के नशे की लत और इलाके में खुले तौर पर मिल रहे ड्रग्स को लेकर मदद की गुहार लगाई थी.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गुलजार सिंह ने मंत्री से कहा था कि उनका बेटा ‘चिट्टा’ ले रहा है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने की भी अपील की थी. भाटिया ने दावा किया कि गुलजार सिंह ने अपने बेटे के इलाज के लिए घर का कीमती सामान और अपनी संपत्ति तक बेच दी थी, जिसके बाद उनका परिवार आर्थिक संकट में पहुंच गया था.
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि मंत्री हरपाल सिंह चीमा के गांव से जाने के बाद वहां के सरपंच ने गुलजार सिंह पर दबाव बनाया. गुलजार सिंह से कहा गया कि उन्होंने मंत्री के सामने अपशब्द कहे हैं और उन्हें मंत्री से माफी मांगनी चाहिए. इस दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर गुलजार सिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहर खाने के बाद गुलजार सिंह ने एक वीडियो भी बनाया था. इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताया. गुलजार सिंह ने वीडियो में ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि नशे का कारोबार आसानी से चल रहा है लेकिन Government की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही.
भाटिया ने कहा कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत के लिए मंत्री हरपाल सिंह चीमा और सरपंच समेत अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. गुलजार सिंह की मौत इस बात का गंभीर उदाहरण है कि आम नागरिक जब नशे के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसके साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है.
गौरव भाटिया ने पंजाब Government पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य को ड्रग-फ्री बनाना Government की बुनियादी जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister भगवंत मान की देखरेख में पंजाब में ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है. Government को नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों की आवाज सुननी चाहिए जो इस समस्या से सीधे प्रभावित हैं.
उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह एक आम नागरिक थे, जिन्होंने अपने बेटे और गांव के युवाओं को नशे से बचाने के लिए Government से मदद मांगी थी. इसके बावजूद उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. भाटिया ने कहा कि यह घटना पंजाब में नशे की समस्या और Governmentी तंत्र की कथित विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
उन्होंने Chief Minister भगवंत मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा को निशाने पर लेते हुए कहा कि Government की जिम्मेदारी पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने की है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक व्यक्ति सार्वजनिक रूप से मंत्री के सामने अपने बेटे के नशे की समस्या और क्षेत्र में ड्रग्स की उपलब्धता की शिकायत करता है, तो उसके बाद उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई.
भाजपा ने गुलजार सिंह की मौत की घटना को गंभीर बताते हुए मामले में जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और गुलजार सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जानी चाहिए.
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एसएके/पीएम