जगन ने शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं को लेकर नायडू सरकार पर उठाए सवाल

अमरावती, 13 सितंबर . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस. जगन मोहन रेड्डी ने डीएससी के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू पर अपना हमला जारी रखा है.

पूर्व Chief Minister ने Sunday को डीएससी स्कैम का जिक्र करते हुए social media पर एक लंबा पोस्ट साझा किया. उन्होंने कहा कि Chief Minister चंद्रबाबू नायडू एक्सप्लेनेशन बदलते रहते हैं और हर नई एक्सप्लेनेशन टीचर बनने की चाह रखने वालों के लिए और भी सवाल खड़े करती है.

शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने क्रम अनुसार बताया कि कैंडिडेट के वेरिफिकेशन के 7 स्टेज पास करने के बाद, पोस्ट को 65 टीईटी मार्क्स दिए गए थे. जब कैंडिडेट वेरिफिकेशन के 7 स्टेज से गुजरा था. डीईओ ने कन्फर्म किया कि कैंडिडेट इनएलिजिबल है. तो सीधा सवाल यह है, उन 7 स्टेज में असल में क्या वेरिफाई किया गया था.

जगन के मुताबिक, तीसरा ट्विस्ट यह था कि कैंडिडेट को नौकरी तो मिल गई लेकिन उसे पता नहीं था. कैंडिडेट ने खुद कथित तौर पर कहा कि उसे नहीं पता कि उसे नौकरी कैसे मिली.

पूर्व सीएम ने चौथे ट्विस्ट पर जोर देते हुए कहा कि ऑफिशियल्स ने कन्फर्म किया कि उसने 2018 के टीईटी अटेम्प्ट में 77 मार्क्स स्कोर किए थे. अगर वे 77 मार्क्स पहले से रिकॉर्ड में थे, तो उन पर पहले क्यों नहीं विचार किया गया. डीईओ ने उसे इनएलिजिबल क्यों घोषित किया, और यह एक्सप्लेनेशन सवाल उठने के बाद ही क्यों सामने आया.

जगन ने पूछा कि रिपोर्ट किए गए 77 मार्क्स पेपर-II-बी (स्कूल असिस्टेंट स्पेशल एजुकेशन) के तहत बताए जा रहे हैं, लेकिन पेपर-I-ए एसजीटी पोस्ट के लिए जरूरी टीईटी कैटेगरी है. तो, वह वेरिफिकेशन के 7 स्टेज से कैसे पास हुआ. नौकरी मिलने के बाद भी, कैंडिडेट ने 2025 में फिर से टीईटी दिया. अगर 2018 के 77 मार्क्स के स्कोर ने उसे पहले ही एलिजिबल बना दिया था, तो फिर से टीईटी देने की क्या जरूरत थी.

सीएम नायडू से सवाल करते हुए जगन ने कहा कि क्या इसे किसी भी तरह से फेयर और ट्रांसपेरेंट कहा जा सकता है. क्या इससे डीएससी स्कैम को बढ़ावा नहीं मिला. क्या आप इसकी मोरल रिस्पॉन्सिबिलिटी नहीं लेंगे.

डीकेएम/पीएम

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