
New Delhi, 13 अक्टूबर . कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य नेताओं ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर Supreme Court में एक याचिका दाखिल की है. इसको लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा और प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत की प्रतिक्रिया सामने आई है. नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है.
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस याचिका को लेकर कहा कि India के लोकतंत्र की रक्षा के लिए, वोटिंग के अधिकार की रक्षा के लिए और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया ब्लॉक पूरी तरह एकजुट है.ल उन्होंने कहा, “हमारा संघर्ष जारी रहेगा. लोकतंत्र पर जो भी हमला होगा, हम उसका डटकर मुकाबला करेंगे. इस संघर्ष में कल जो लोग आए थे, ऐसा जनसैलाब दिल्ली ने पहले कभी नहीं देखा था. यह इस बात को जाहिर करता है कि अब भाजपा के जाने का समय आ गया है.”
वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि एसआईआर के नाम पर 13.5 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि ये सभी लोग इसी देश के नागरिक हैं और उनकी तरफ से दायर की गई ज्यादातर याचिकाओं को पहले मंजूर भी कर लिया गया था.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाता है या उनका यह अधिकार छीन लिया जाता है, जो लोकतंत्र में सबसे बड़ा अधिकार है, तो क्या लोकतंत्र बचेगा? क्या संविधान बचेगा? कल दिल्ली की सड़कों पर जो लोग थे, वे इस देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे थे.”
Lucknow में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी Supreme Court का सम्मान करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के लिए वोटों की लूट और डकैती हो रही है. इसी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक ने याचिका दायर की है. उन्होंने कहा, “हमें Supreme Court से निर्णय और न्याय, दोनों की बहुत उम्मीद है.”
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