
श्रीनगर, 13 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर के Political विशेषज्ञ राशिद राहिल ने दिल्ली में सप्ताह भर चले विरोध-प्रदर्शन और जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी का विश्लेषण किया. उन्होंने कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इससे जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच की मांग की और कहा कि अगर योग्य नेताओं को चुना जाए तो जम्मू-कश्मीर कैबिनेट का विस्तार सकारात्मक परिणाम दे सकता है.
राशिद राहिल ने कहा, “देश में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है, चाहे वह सीजेपी, इंडिया ब्लॉक या एनडीए हो. दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के कारण एक सप्ताह तक कई इलाके बंद रहे, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई. इसके साथ ही कई ट्रेनें रद्द की गई और मेट्रो स्टेशन बंद किए गए. इस तरह के विरोध-प्रदर्शन से लोगों के मुद्दे हल होने के बजाय उलझ जाते हैं. यदि विरोध प्रदर्शन करने वाले कोई आरोप लगाते हैं, तो Government की जिम्मेदारी बनती है कि उसकी जांच करे. इसके साथ सच्चाई पता लगाए और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शनों पर अंकुश लगाना चाहिए.”
विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और आरोपों पर राशिद ने कहा, “दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर तक राजनितक दल विरोध कर रहे हैं. इन सब में जनता से जुड़े मुद्दे गायब हैं. Government की जिम्मेदारी लोगों की समस्याओं को हल करें न कि उनको सियासत में उलझाए रखे. Governmentों पर जो भी आरोप लग रहे हैं, उसकी हकीकत सामने आनी चाहिए.”
राशिद राहिल ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती Political खींचतान पर भी चिंता जताई और कहा कि Political प्रतिद्वंद्विता के कारण जनहित के मुद्दे पीछे नहीं छूटने चाहिए. यूनिफॉर्म सिविल कोड पर उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति और साफ हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर काबिल और योग्य नेताओं को सेवा करने का मौका मिले तो जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार से अच्छे नतीजे मिल सकते हैं.
–
ओपी/वीसी