चीन ओपन: निकोला बार्टुनकोवा ने सेमीफाइनल में बनाई जगह, मुचोवा को 6-3, 6-0 से हराया

बीजिंग, 8 अक्टूबर . चेक गणराज्य की युवा टेनिस खिलाड़ी निकोला बार्टुनकोवा ने अपने शानदार 2026 सीजन का एक और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन ओपन के सेमीफाइनल में जगह बना ली. उन्होंने Thursday को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा को महज 67 मिनट में 6-3, 6-0 से करारी शिकस्त दी.

बार्टुनकोवा ने मैच में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और मुचोवा को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. दूसरे सेट में उन्होंने एकतरफा खेल दिखाते हुए प्रतिद्वंद्वी को एक भी गेम नहीं जीतने दिया और आसानी से अंतिम चार में प्रवेश किया. 26वीं वरीयता प्राप्त 20 वर्षीय चेक खिलाड़ी निकोला बार्टुनकोवा ने मैच की शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया और अपनी अनुभवी हमवतन प्रतिद्वंद्वी कैरोलिना मुचोवा को लय हासिल करने का कोई मौका नहीं दिया.

बार्टुनकोवा ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए रैलियों के शुरुआती चरण में ही दबाव बनाया. उन्होंने दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के साथ-साथ बेहतरीन टच वाले शॉट्स का भी प्रभावी इस्तेमाल किया. इसके अलावा, उनके सटीक ड्रॉप शॉट्स ने मुचोवा को लगातार कोर्ट पर दौड़ने के लिए मजबूर किया, जिससे वह अपना स्वाभाविक खेल नहीं दिखा सकीं. युवा खिलाड़ी की आक्रामकता, विविधता और कोर्ट पर बेहतरीन नियंत्रण का मुचोवा के पास कोई जवाब नहीं था.

इस जीत के साथ बार्टुनकोवा अपने करियर के पहले डब्ल्यूटीए 1000 सेमीफाइनल और टूर-लेवल पर तीसरी बार अंतिम-चार में पहुंचने में सफल रहीं. इससे पहले वह 2025 में ग्वाडलजारा और इस साल की शुरुआत में मॉन्टेरी में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं. बार्टुनकोवा की शुरुआत बहुत जबरदस्त रही. उन्होंने शुरुआती चार गेम में मुचोवा की सर्विस दो बार तोड़ी, गहरे रिटर्न और आक्रामक टेनिस से सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पर तुरंत दबाव बना दिया. 5-0 के स्कोर पर बार्टुनकोवा आसानी से पहला सेट जीतने की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन मुचोवा ने कुछ देर के लिए मैच को आगे खींचने की कोशिश की. विंबलडन की पूर्व फाइनलिस्ट ने ज्यादा आक्रामक टेनिस खेलते हुए वापसी की, तीन गेम जीते और पांच सेट प्वाइंट बचाए, लेकिन आखिरकार सेट हार गईं.

दूसरे सेट में वापसी की कोई भी उम्मीद लगभग तुरंत ही खत्म हो गई. बार्टुनकोवा ने शुरुआती गेम में ही सर्विस तोड़ी और खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा; उन्होंने लंबी रैलियों में उलझने से परहेज किया. उनके खेल में विविधता बहुत असरदार साबित हुई. ड्रॉप शॉट्स, वॉली और गति में अचानक बदलाव के मिश्रण ने मुचोवा को बार-बार गलत स्थिति में ला खड़ा किया.

दोहा और बैड होमबर्ग में खिताब जीतने तथा विंबलडन के फाइनल में पहुंचने के बाद शानदार फॉर्म में चल रहीं कैरोलिना मुचोवा भी निकोला बार्टुनकोवा की आक्रामकता का जवाब नहीं दे सकीं. अनुभव के बावजूद मुचोवा मैच में कभी भी अपनी लय हासिल नहीं कर पाईं.बार्टुनकोवा ने मुकाबले का अंत 19 विनर्स के साथ किया, जो मुचोवा से सात अधिक थे. दूसरी ओर, मैच आगे बढ़ने के साथ मुचोवा की गलतियां बढ़ती गईं और उन्होंने 37 अनफोर्स्ड एरर्स कीं. युवा चेक खिलाड़ी ने अपने दमदार शॉट्स, आक्रामक रवैये और लगातार दबाव बनाकर अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को पूरी तरह हावी होने का मौका नहीं दिया.

इस नतीजे के साथ बार्टुनकोवा ने टॉप 10 खिलाड़ी के खिलाफ अपने करियर की तीसरी जीत दर्ज की. इससे पहले, उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में बेलिंडा बेनसिच को हराया था और फिर बीजिंग में तीसरे राउंड में आर्यना सबालेंका के खिलाफ उलटफेर किया था. उनकी शानदार तरक्की रैंकिंग में भी दिखी है. 2025 का साल नंबर 130 पर खत्म करने के बाद, बार्टुनकोवा बीजिंग में नंबर 34 की रैंकिंग के साथ पहुंचीं और टूर्नामेंट के बाद टॉप 30 में जगह बनाना पक्का कर लिया है. अब वह अपने पहले डब्ल्यूटीए फाइनल में जगह बनाने के लिए चौथी वरीयता प्राप्त मिरा आंद्रीवा या 19वीं सीड खिलाड़ी एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा का सामना करेंगी.

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एसएम/डीकेपी

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