
गुवाहाटी, 8 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Thursday को कहा कि शोणितपुर में 20,000-लीटर-प्रति-दिन (एलपीडी) क्षमता वाले दूध प्रोसेसिंग प्लांट के शुरू होने से राज्य के डेयरी सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिला है. इस प्लांट के लिए दूध की पूरी सप्लाई स्थानीय डेयरी किसानों से ली जाएगी.
सीएम सरमा ने कहा कि यह नई सुविधा असम में दूध के उत्पादन को 10 लाख लीटर प्रति दिन तक बढ़ाने के राज्य Government के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है.
Chief Minister सरमा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि शोणितपुर प्लांट में प्रोसेस किया जाने वाला दूध पूरी तरह से डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियों से जुड़े स्थानीय डेयरी किसानों से खरीदा जाएगा.
सरमा ने कहा, “इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी, उन्हें एक पक्का बाजार मिलेगा और ब्रह्मपुत्र के उत्तरी किनारे पर कई सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.”
उन्होंने इस पहल को स्थानीय स्तर पर बने या ‘मेड इन असम’ उत्पादों को बढ़ावा देने और साथ ही पूरे राज्य में डेयरी किसानों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बताया.
सीएम ने कहा कि Government डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने और दूध उत्पादन व उससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल किसानों के लिए बेहतर आर्थिक अवसर सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है.
सरमा ने जिन पहलों का जिक्र किया, उनमें डेयरी किसानों के लिए दूध पर सीधी सब्सिडी सहायता भी शामिल थी. Government कोऑपरेटिव नेटवर्क को मजबूत करने और डेयरी सेक्टर को औपचारिक रूप देने के लिए दूध कोऑपरेटिव सोसायटियों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन भी कर रही है.
सरमा ने आगे कहा कि Government ‘Chief Minister आत्मनिर्भर असम अभियान’ (सीएमएएए) और ‘Chief Minister महिला उद्यमिता अभियान’ (एमएमयूए) जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं और महिलाओं को डेयरी फार्मिंग और उससे जुड़े कामों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
उम्मीद है कि नई प्रोसेसिंग सुविधा से सोनितपुर और आसपास के इलाकों में कोऑपरेटिव सोसायटियों से जुड़े किसानों द्वारा उत्पादित दूध के लिए एक ज्यादा भरोसेमंद बाजार तैयार होगा.
Government का मानना है कि दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही ज्यादा लोगों को डेयरी सेक्टर में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा. इस पहल से असम के नॉर्थ बैंक इलाके में जुड़ी हुई आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिनमें पशुपालन से जुड़ी सेवाएं, ट्रांसपोर्ट और दूसरे ग्रामीण उद्योग शामिल हैं.
सीएम सरमा ने कहा कि Government का ध्यान एक मजबूत डेयरी इकोसिस्टम बनाने और असम को रोजाना 10 लाख लीटर दूध उत्पादन के लक्ष्य के करीब ले जाने पर है.
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एएसएच/डीकेपी