
वलसाड, 16 सितंबर . Gujarat के वलसाड में शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर 1.46 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में Police ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान भार्गव सोलंकी और मेहुल कछुआ के रूप में हुई है. वलसाड साइबर क्राइम Police ने जांच के बाद Wednesday को यह कार्रवाई की.
Police के अनुसार, ठगी की रकम में से 18.70 लाख रुपए कछुआ के बैंक खाते में जमा हुए थे. वलसाड साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 336(2), 336(3), 338, 340(2), 316(2), 319(2), 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत केस दर्ज किया गया है.
Police के मुताबिक आरोपियों ने “बी125-वेलदी विजन वीआईपी सर्कल” और “460-वेलदी विजन वीआईपी सर्कल” नाम से व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए थे. शिकायतकर्ता खुशरू डाली पेटीगारा को संस्थागत ट्रेडिंग के जरिए शेयरों की बल्क खरीद-बिक्री से ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया.
आरोपियों ने “वेलदी इन ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड” नाम की कंपनी की फर्जी पहचान बनाई और शिकायतकर्ता को 1,46,75,000 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए उकसाया. एक ट्रेडिंग ऐप में निवेश पर मुनाफा दिखाया गया. जब शिकायतकर्ता ने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो उससे 15 प्रतिशत और कमीशन मांगा गया. कहा गया कि कमीशन उसके बैलेंस से काट लिया जाएगा. इसी समय शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि वह ठगा गया है और उसने साइबर क्राइम Police से संपर्क किया.
जांच में पहले नरेंद्र माली को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बैंक खाते में ठगी की रकम का एक हिस्सा आया था. पूछताछ के दौरान माली ने बताया कि उसने अपने खाते से पैसा निकालकर भार्गव सोलंकी, टिंकेश पढियार और मेहुल कछुआ को दे दिया था. ये सभी बनासकांठा जिले के डीसा के मालगढ़ से जुड़े हैं.
Police ने तीनों की तलाश में डीसा और Rajasthan में कई बार छापेमारी की, लेकिन शुरू में वे नहीं मिले. इसके बाद जांचकर्ताओं ने उनके बैंक खातों, मोबाइल डिटेल, रिश्तेदारों के फोन रिकॉर्ड, social media और मुखबिरों से मिली जानकारी का विश्लेषण किया. Police ने बताया कि सोलंकी और कछुआ कई बार Rajasthan और मालगढ़ में देखे गए थे.
इसके बाद स्थानीय सूत्रों को सक्रिय किया गया और जानकारी मिली कि दोनों 12 सितंबर को भादरवा बीज मनाने के लिए मालगढ़ में अपने घर लौटेंगे. इसी सूचना पर साइबर क्राइम टीम ने दोनों को पकड़ लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की.
Police ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को 53,97,797 रुपए वापस दिलाए जा चुके हैं. Police ने शिकायतकर्ता के बैंक खातों की जानकारी लेकर 1930 साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया और रकम वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की.
Police ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आने वाले निवेश के ऑफर से सावधान रहें. ‘रोजाना मुनाफा’, ‘गारंटीड रिटर्न’, ‘पैसा डबल’ और ‘वीआईपी ट्रेडिंग ग्रुप’ जैसे झांसे में न आएं. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक डिटेल शेयर न करें. निवेश से पहले कंपनी, ब्रोकर और सलाहकार का सेबी रजिस्ट्रेशन जरूर जांच लें.
–
वीकेयू/पीएम