गाजीपुर में कृत्रिम तालाब में हो रहा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

गाजीपुर, 21 अक्टूबर . नवरात्र के पावन पर्व और रावण दहन के कार्यक्रमों के समापन के बाद अब मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है. पूरे जिले में स्थापित 500 दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन और Police विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. वहीं, गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की गाइडलाइन के अनुरूप कृत्रिम तालाब बनाकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है.
गाजीपुर नगर पालिका परिषद की ओर से गंगा नदी के किनारे कृत्रिम तालाब का निर्माण कराया गया है. तालाब में पंप के माध्यम से गंगाजल भरकर विसर्जन की व्यवस्था की गई है. दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पर पहुंच रहे हैं. यहां विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा और विसर्जन प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है.
विसर्जन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और Police अधीक्षक विनय कुमार सिंह Tuesday देर रात कृत्रिम तालाब पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि Tuesday होने के कारण पहले दिन प्रतिमाओं के विसर्जन की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है. हालांकि, अगले दो से तीन दिनों तक विसर्जन का सिलसिला लगातार जारी रहने की उम्मीद है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं. पूरे जिले में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में कराया जा रहा है.
विसर्जन स्थल पर नगर पालिका परिषद के कर्मचारी प्रतिमाओं को तालाब में विसर्जित कराने में सहयोग कर रहे हैं. वे सावधानीपूर्वक प्रतिमाओं को पानी में उतारकर एक ओर व्यवस्थित कर रहे हैं, ताकि अगली प्रतिमा के विसर्जन में किसी तरह की परेशानी न हो.
कृत्रिम तालाब में विसर्जन की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ ही गंगा नदी को सीधे प्रदूषित होने से बचाने का प्रयास भी किया जा रहा है. जिला प्रशासन की निगरानी में विसर्जन का कार्य श्रद्धा, भक्ति और शांतिपूर्ण वातावरण में जारी है.
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एसएके/पीएम


