गलत तरीके से किया गया योग पहुंचा सकता है नुकसान, एक्सपर्ट की मानें तो बरतें ये सावधानियां

New Delhi, 28 अक्टूबर . योग एक प्राचीन परंपरा है, जो शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ-साथ मन को भी शांत और संतुलित बनाता है. हालांकि इसका भरपूर लाभ तभी मिलता है, जब अभ्यासकर्ता इसे सही तरीके और सावधानियों के साथ करे. गलत तरीके या बिना जानकारी के किया गया योग फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान पहुंचा सकता है.
इसलिए योग शुरू करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियों को जानना और उनका पालन करना बहुत जरूरी है.
India Government के आयुष मंत्रालय ने योगासन करने से पहले सावधानियां बरतने की सलाह दी है. उनके अनुसार, योग सीखना सिर्फ किसी को देखकर या निर्देशों का पालन करने से कहीं ज्यादा है. शुरुआती लोगों को पहले किसी योग एक्सपर्ट या थेरेपिस्ट की देखरेख में योग की तकनीकें सीखनी चाहिए और खुद से प्रैक्टिस शुरू करने से पहले सही तरीका समझना चाहिए. एक बार जब आप अभ्यास को सही तरीके से सीख लें, तो अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार इसे जारी रखें, जरूरी सावधानियां बरतें और अगर आपको कोई परेशानी या दुष्प्रभाव महसूस हो तो अपने इंस्ट्रक्टर या थेरेपिस्ट को बताएं. योग को मार्गदर्शन के साथ सीखें और जागरूकता के साथ अपना अभ्यास जारी रखें.
जागरूकता के साथ योग करें- योगासन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को भी शांत करने की साधना क्रिया है. जब कोई भी अभ्यासकर्ता पूरी सजगता के साथ योग करता हैं, तो इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं. शरीर की क्षमता का सम्मान करते हुए धीरे-धीरे अभ्यास करने से झटके और मांसपेशियों की खिंचाव जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है.
किसी एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में शुरू करें- अभ्यासकर्ता, इस बात का विशेष ध्यान दें कि योगासन किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें. ऐसा करने ले शारीरिक पॉश्चर और सांस लेने की सही तकनीक समझने में मदद मिलती है. गलत तरीके से आसन करने से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है, जिसे एक्सपर्ट रोकते हैं. यदि कोई भी व्यक्ति पुरानी बीमारी, जोड़ों का दर्द या स्वास्थ्य समस्या है, तो ट्रेनर आपकी स्थिति के अनुसार योग अभ्यास तय करते हैं.
सही तरीका समझें- योग का सही तरीका समझने के लिए इसे केवल शारीरिक कसरत न मानकर शरीर, मन और श्वास के तालमेल की एक प्रक्रिया मानना चाहिए. आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय होता है, लेकिन सूर्यास्त के पश्चात भी इसे किया जा सकता है. हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान दें कि योगासन भोजन करने के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही करना चाहिए.
अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार करें- अभ्यासकर्ता इस बात का विशेष ध्यान दें कि योगासन शारीरिक जरूरत और क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए, तभी यह लाभकारी होता है. हमेशा हल्के और सामान्य आसनों (जैसे ताड़ासन, कटी चक्रासन या शशांक भुजंग गति) से शुरुआत करें.
खुद से प्रैक्टिस करने की तरफ बढ़ें – शुरुआत में योग किसी एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में सीखना बहुत जरूरी होता है, ताकि आप हर आसन का सही तरीका समझ सकें. जब आपको बेसिक आसनों की सही समझ आ जाए, तब आप धीरे-धीरे खुद से प्रैक्टिस की तरफ बढ़ सकते हैं.
मार्गदर्शन में सीखें, जागरूकता के साथ अभ्यास करें- योग का वास्तविक लाभ केवल शारीरिक कसरत में नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और पूर्ण जागरूकता के साथ किए गए अभ्यास में निहित है. India Government के आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग करते समय शरीर की क्षमताओं का सम्मान करना, गतिविधियों को धीमा और झटके रहित रखना बेहद जरूरी है.
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एनएस/एएस


