खड़गे के आवास पर विपक्ष के प्रस्तावित ‘जन महाभियोग’ पर भाजपा का हमला, बताया- लोकतंत्र का मजाक

New Delhi, 30 अक्टूबर . कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने वाले इंडिया ब्लॉक के ‘जन महाभियोग’ (पीपल्स इम्पीचमेंट) कार्यक्रम को लेकर Political घमासान तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कार्यक्रम को लोकतंत्र का मजाक और Political नौटंकी करार दिया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महाभियोग जैसी गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया का Politicalरण है.
दिल्ली में BJP MP संजय जायसवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जब भी संसद का सत्र चलता है, तो ये लोग पूरे 40 दिन बाहर सड़कों पर बिताते हैं और संसद को चलने नहीं देते. लोकतंत्र में सत्ता पक्ष, विपक्ष और President मिलकर संसद का निर्माण करते हैं.”
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “एक विपक्षी सांसद और नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आप संसद के अंदर एक शब्द भी नहीं बोलते. आपको जो कुछ भी कहना होता है, वह आप खड़गे के आवास पर कहते हैं, क्योंकि आप जानते हैं कि अगर आपने Lok Sabha में कोई मुद्दा उठाया, तो आपको उसका जवाब भी सुनना पड़ेगा. और वह जवाब ऐसा होता है कि आपके पास अपमानित होकर वहां से जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. इसीलिए ये लोग यह ड्रामा कर रहे हैं.”
जायसवाल ने आगे कहा, “अगर आपका मुद्दा जायज है, तो उसे Lok Sabha में उठाइए. आप वहां चर्चा नहीं करते, 40 दिनों तक सदन को चलने नहीं देते और पूरी तरह से संसद का बहिष्कार करते हैं. फिर जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता है, तो आप एक ‘नकली संसद’ (मॉक पार्लियामेंट) आयोजित करते हैं. इससे पता चलता है कि आप सत्ता पक्ष के सांसदों से कितने डरे हुए हैं और उनके सामने इन मुद्दों पर चर्चा करने से कितना कतराते हैं. क्योंकि आप जानते हैं कि जब भी आप ऐसे मामले उठाएंगे, तो आपकी पूरी पोल खुल जाएगी.”
BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने भी इस कार्यक्रम पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “मॉक पार्लियामेंट के जरिए ये सीधे तौर पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाना चाहते हैं. इसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है. केवल अपनी Political महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए यह एक तरह से Political नौटंकी है और उससे अधिक कुछ भी नहीं है.”
Mumbai में भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि महाभियोग एक गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया है; आप इसे Political तमाशा नहीं बना सकते. उन्होंने कहा, “अगर आपको कोई आपत्ति है, तो न्यायपालिका के पास जाएं या चुनाव आयोग को सबूत सौंपें. आप बैलेट पेपर की बात करते हैं, लेकिन चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर चुनाव बैलेट पेपर से ही हुए थे और कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली.”
राम कदम ने कहा, “चुनाव चाहे ईवीएम से हों या बैलेट पेपर से, आप हार जाते हैं और फिर चुनाव आयोग को दोष देते हैं. भाजपा को देखो, 1984 में पूरे देश में हमारी पराजय हुई थी, सिर्फ दो सीटें ही जीती थीं. अटल बिहारी वाजपेयी तक चुनाव हार गए थे, लेकिन हमने चुनाव आयोग पर दोष नहीं दिया. हमने महाभियोग की नौटंकी नहीं की. इस तरह की नौटंकी से राजनीति में जीता नहीं जा सकता. अगर कोई सबूत है, तो खड़गे को उसे देना चाहिए.”
Patna में भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, “मजाक किया जा रहा है. लोकतंत्र लोक-लाज से और संविधान संवैधानिक मर्यादाओं से चलता है और जिस प्रकार से झूठ का प्रोपेगैंडा बनाया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है.”
उन्होंने कहा, “कल ही कर्नाटक में कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली ने कह दिया कि एसआईआर ठीक है. Supreme Court ने एक बार नहीं, कई बार कहा है कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है. 13 करोड़ लोगों के नाम कटने को लेकर झूठ फैलाया गया, लेकिन सच्चाई सामने आई कि बाइफरकेशन में दो करोड़ अस्सी लाख लोग मृत पाए गए, पांच करोड़ से अधिक लोगों का पता बदल गया है और दो करोड़ से अधिक लोग गैर-भरोसेमंद हैं.”
गुरु प्रकाश ने कहा, “मुझे लगता है कि ये झूठा, निराधार और बेबुनियाद प्रचार चलाया जा रहा है. देश की जनता समझ गई है कि इन लोगों को वास्तविक मुद्दों से कोई मतलब नहीं है. इनकी सिर्फ यही चिंता है कि सत्ता में कैसे आया जाए.”
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पीआईएम/एएस


