Skip to content
Saturday, 31 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी नियुक्ति पर जयराम रमेश का आरोप

संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी नियुक्ति पर जयराम रमेश का आरोप

New Delhi, 30 अक्टूबर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने Friday को भाजपा द्वारा आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ की कड़ी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी 2014 से लगातार संसद संस्था को कमजोर कर रही है.

एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि भाजपा के समर्थकों द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करना ‘बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं’ है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह पर विधेयकों को जबरदस्ती पारित करने, जनहित के मुद्दों पर बहस से इनकार करने, संसदीय संस्थाओं को बदनाम करने और दोनों सदनों को आत्म-प्रशंसा का मंच बनाने के द्वारा संसदीय लोकतंत्र का बार-बार मजाक उड़ाने का आरोप लगाया.

रमेश ने विशेष रूप से दिसंबर 2023 की घटना का जिक्र किया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त को अभूतपूर्व ‘आजीवन प्रतिरक्षा’ प्रदान करने वाला विधेयक दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया गया था. जबकि इस दौरान 145 विपक्षी सांसद निलंबित थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक पारित होने के तुरंत बाद ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया ताकि वे करोड़ों भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित कर सकें.

कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चल रहे Political टकराव और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के अभियान की पृष्ठभूमि में आई हैं.

इंडिया ब्लॉक केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है और उसने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें एक मॉक पार्लियामेंट सत्र भी शामिल है.

भाजपा लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही है और दावा करती रही है कि संसदीय कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित होती है और चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करता है.

सत्ताधारी दल ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास बताया है.

भाजपा से जुड़े संगठन ‘सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ ने 30 अक्टूबर को New Delhi के एनडीएमसी (New Delhi नगर निगम) कन्वेंशन सेंटर में ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर एक नकली संसद का आयोजन किया.

इंडिया ब्लॉक के समानांतर आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया और सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों के वरिष्ठ Political नेताओं की भूमिका निभाई.

रमेश का बयान विपक्ष के उस व्यापक आरोप को दर्शाता है कि पिछले एक दशक में संसदीय नियमों का हनन हुआ है और महत्वपूर्ण कानूनों को पर्याप्त चर्चा के बिना ही पारित कर दिया गया है. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और कामकाज ने उसकी स्वतंत्रता को खतरे में डाल दिया है.

–

एमएस/

Share