कोलकाता भगदड़: शुरुआती जांच से अचानक बारिश, भ्रामक घोषणा और भीड़ प्रबंधन में खामियों के संकेत मिले

कोलकाता, 18 अक्टूबर . उत्तरी कोलकाता के एक सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि अचानक हुई बारिश, एक भ्रामक घोषणा और पंडाल परिसर में मौजूद सुरक्षा एवं प्रबंधन संबंधी गंभीर खामियों के कारण स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ.
कोलकाता Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अचानक हुई बारिश से इंतजार कर रहे लोग भीगने से बचने के लिए जल्दी से पंडाल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे. पंडाल के अंदर पहले से मौजूद लोग बारिश की वजह बाहर नहीं आ रहे थे. लेकिन इसे पूजा आयोजकों की ओर से कोई बहाना नहीं माना जा सकता. पूजा आयोजकों की ओर से भारी चूक हुई थी, जिसके कारण अफरा-तफरी मच गई.”
जब बारिश की वजह से अफरा-तफरी शुरू हुई, तो एक भ्रामक घोषणा की गई जिसमें लोगों से कहा गया कि पंडाल का ढांचा गिरने के डर से वे तुरंत बाहर निकल जाएं. शहर के Police अधिकारियों के मुताबिक, इस घोषणा से वहां मौजूद लोगों में और ज्यादा घबराहट फैल गई. लोग बाहर निकलने के लिए तेजी से भागने लगे, और कुछ लोग तो बाहर जाने के लिए प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) की तरफ दौड़ पड़े. इसी वजह से भगदड़ मच गई और इतनी बड़ी त्रासदी हो गई.
वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी बताया कि हालात और स्थानीय निवासियों तथा चश्मदीदों के बयानों से पता चलता है कि Saturday शाम को पंडाल परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम नाकाफी थे, जिसने इस दुखद घटना में बड़ी भूमिका निभाई. जांच टीम ने यह भी पाया कि घटनास्थल पर Policeकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या जरूरत से बहुत कम थी, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई.
Police ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें ‘चोरबगान सर्वजनीन दुर्गा पूजा समिति’ के शीर्ष पदाधिकारी और पंडाल परिसर में भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा के प्रभारी लोग शामिल हैं. इन सभी पर ‘भारतीय न्याय संहिता’ (बीएनएस) 2023 के तहत गैर-इरादतन हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Sunday के लिए अपने पूजा-संबंधी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए. इसके बजाय, वे शहर के एक निजी अस्पताल गए, जहां 14 घायल लोग भर्ती थे. उन्होंने वहां घायलों का हाल-चाल जाना. हालांकि, उन्होंने इस घटना के बारे में मीडिया से कोई बात नहीं की.
पता चला है कि निजी अस्पताल में भर्ती 14 लोगों में से एक को छोड़कर बाकी सभी की हालत काफी हद तक स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.
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