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Monday, 19 October 2026
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कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले-यहां होता तो हम जेल में होते

कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले यहां होता तो हम जेल में होते

कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले-यहां होता तो हम जेल में होते

कुपवाड़ा, 18 अक्टूबर . Haryana के कुरुक्षेत्र में कश्मीर जा रही एक स्लीपर बस पर हुए हमले को लेकर घाटी के ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश है. कश्मीर ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष मीर मोहम्मद शफी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और Government से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ितों को मुआवजा और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

मीर मोहम्मद शफी ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक बस पर नहीं बल्कि कश्मीर के पूरे ट्रांसपोर्ट समुदाय पर हमला है. इस मामले में Chief Minister उमर अब्दुल्ला का किया गया social media पोस्ट काफी नहीं है बल्कि इस मामले में ठोस और जमीनी कार्रवाई होनी चाहिए.

फेडरेशन अध्यक्ष मीर मोहम्मद शफी ने से बात करते हुए बताया कि जैसे ही घटना की खबर सामने आई, उन्होंने कश्मीर बस और स्लीपर बस एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान बक्शी से बात की. वह काफी परेशान थे. इस घटना के बाद वह रात भर सो नहीं पाए. उन्होंने लगातार कॉल किए. हमारी पूरी टीम परेशान थी.

शफी ने Haryana Government और केंद्र Government से सवाल पूछते हुए कहा, “क्या कश्मीरी अब कहीं काम नहीं कर सकता? क्या कश्मीरी अब बाहर गाड़ी लेकर नहीं जा सकता? हम पूछना चाहते हैं कि आखिर जम्मू-कश्मीर की गाड़ियों को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है? इसके पीछे क्या कारण है?”

मीर शफी ने दोहरे मापदंड पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “अगर ये घटना कश्मीर में हुई होती, तो हम लोग जेल में होते. हम पर पीएसए लगा दिया गया होता लेकिन वहां जिस व्यक्ति ने पिस्टल लहराई, लोगों को लाया और बस पर हमला किया, उसके खिलाफ अभी तक कोई First Information Report दर्ज होने की सूचना भी हमें नहीं दी गई है.”

उन्होंने कहा, “हमने भाईचारा हमेशा निभाया है. जब यहां हालात खराब थे, तब भी बाहर से ड्राइवर गाड़ी लेकर यहां आते थे लेकिन हमने आज तक एक भी गाड़ी पर खरोंच तक नहीं आने दी. हमारे साथ क्या हुआ, सबने देखा. अगर इस तरह की घटनाएं नहीं रुकीं, तो इसका असर भाईचारे पर पड़ सकता है. आज अगर हम इस पर चुप बैठेंगे तो कल किसी और के साथ होगा. अगर कल हमने यहां गाड़ियां रोकनी शुरू कर दीं तो फिर भाईचारा भी खतरे में पड़ जाएगा लेकिन हम भाईचारे को खतरे में नहीं डालना चाहते.”

ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन ने Haryana Government, केंद्र Government, गृह मंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपGovernor से इस मामले में दखल देने की अपील की है. मीर शफी ने कहा, “हमें इंसाफ दिलाया जाए. आखिर यह हुआ क्या, कैसे हुआ, क्यों हुआ, यह सब बताया जाए. अगर कार्रवाई नहीं हुई तो इसका जो भी नतीजा होगा, उसकी जिम्मेदार Government होगी.”

उन्होंने कहा, “अगर रास्ते में पत्थर मारे जाएंगे तो पैसेंजर हमारी गाड़ियों में कैसे बैठेगा? उसको डर लगेगा. कौन बैठेगा हमारी बस में? हमारा रोजगार इसी पर टिका है.” मीर मोहम्मद शफी ने सभी ट्रांसपोर्ट संगठनों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि चाहे वह दिल्ली के ट्रांसपोर्टर हों, Haryana के हों या जम्मू के, सभी को इस मुद्दे पर आगे आना चाहिए.

उन्होंने मांग की कि इस हमले में जो लोग जख्मी हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और बस को हुए नुकसान की भरपाई की जाए.

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पीआईएम/पीएम

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