
नई दिल्ली, 14 सितंबर . 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान India पहुंचे मलेशिया के Prime Minister अनवर इब्राहिम ने शिखर सम्मेलन से इतर केरल का दौरा किया. यहां उन्होंने सुन्नी कल्चरल सेंटर में आयोजित स्मरण और प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. इस दौरान India के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की मौजूदगी में उन्हें शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
मलेशिया के Prime Minister अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”सुन्नी कल्चरल सेंटर में मुझे मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्मरण और प्रार्थना सभा में शामिल होने का सम्मान मिला. इस कार्यक्रम में केरल के सम्मानित विद्वान और लगभग दो हजार छात्र शामिल हुए. इस सभा का नेतृत्व India के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद ने किया.”
पीएम इब्राहिम ने कहा, मुझे शेख अबू बक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. मैं इस सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी विद्वानों, धर्म प्रचारकों, वैज्ञानिकों और ज्ञान प्रेमियों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने लोगों तक ईमान और आस्था का संदेश पहुंचाने तथा उम्मत की गरिमा बढ़ाने के लिए अपना समय, मन और जीवन समर्पित किया है.
उन्होंने कहा, मलेशिया आगे भी उलेमा (धार्मिक विद्वानों) के साथ मिलकर शैक्षिक और धार्मिक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा. इसमें हदीस की पुस्तकों के अध्ययन और उनके समापन समारोह जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं. हम दुआ करते हैं कि ये प्रयास मलेशिया और केरल के बीच संबंधों को और मजबूत करें, ज्ञान की परंपरा को समृद्ध बनाएं और ऐसी पीढ़ी तैयार करें जो अपने ईमान में मजबूत, ज्ञान में समृद्ध और चरित्र में उत्कृष्ट हो.
अनवर इब्राहिम ने बताया कि करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में आयोजित जियाराह महब्बाह कार्यक्रम ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद से मुलाकात का अवसर मिला.
इस दौरान हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला. एआई ज्ञान, शोध और प्रगति के नए रास्ते खोल रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह आस्था, विश्वास, नैतिक मूल्यों और इंसान की बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी लेकर आ रहा है. इसी वजह से हमने इस बात पर चर्चा की कि एआई के लिए ऐसा दृष्टिकोण तैयार किया जाए जो इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित हो. इसका उद्देश्य तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों, नैतिकता तथा इंसानियत के बीच संतुलन बनाए रखना है.
उन्होंने बताया कि इस चर्चा को आगे और विकसित किया जाएगा, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति का पूरा लाभ उठाया जा सके, लेकिन साथ ही आस्था, नैतिक मूल्यों और इंसानियत से कोई समझौता न हो.
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एवाई/पीएम