यूपी एफएसडीए के आउटसोर्स बेंच केमिस्टों का नौकरी से हटाए जाने पर प्रदर्शन, बहाली की मांग

Lucknow, 14 सितंबर . उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की प्रयोगशालाओं में आउटसोर्स पर काम कर रहे बेंच केमिस्टों ने नौकरी से हटाए जाने का विरोध शुरू कर दिया है. बड़ी संख्या में बेंच केमिस्ट Monday को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचे और अपनी बहाली की मांग की.

प्रदेश के 18 मंडलों में स्थित एफएसडीए प्रयोगशालाओं में कार्यरत ये केमिस्ट बैनर-पोस्टर लेकर डिप्टी सीएम के आवास के बाहर एकत्र हुए. इनका आरोप है कि बिना किसी नोटिस या लिखित आदेश के इन्हें काम से हटा दिया गया है.

विभाग से हटाए गए बेंच केमिस्ट गोपाल रस्तोगी ने बताया, “हम 1 नवंबर, 2022 से आउटसोर्सिंग के जरिए बेंच केमिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. प्रयोगशालाओं में हमने अब तक 11 भर्तियां की हैं और हर व्यक्ति ने 700 से ज्यादा सैंपल प्रोसेस किए हैं, जिसका मतलब है कि हम काफी अनुभवी हैं. अब, उन्होंने 347 नए पद बनाए हैं और उन पर लोगों को नियुक्त किया है, और हमसे कहा है कि चूंकि नए कर्मचारियों को काम पर रखा गया है, इसलिए हमें हटाया जा रहा है.”

उन्होंने कहा, ” यह पूरी तरह से निंदनीय है और Governmentी नियमों और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत गैर-कानूनी है. हमारी बार-बार की गुजारिश के बावजूद Government ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया है. इसीलिए हम आज डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सामने अपनी बात रखने के लिए यहां आए हैं.”

एक अन्य बेंच केमिस्ट सुशील गौतम ने बताया कि हाल ही में Chief Minister ने कॉरपोरेशन का उद्घाटन किया था और उसी के लागू होने से ठीक दो दिन पहले उन्हें हटा दिया गया.

उन्होंने कहा, “कॉरपोरेशन का उद्घाटन Chief Minister ने 2 या 3 दिन पहले किया था और दूसरे विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों की तरह हम भी आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे थे. कॉरपोरेशन के लागू होने से दो दिन पहले हमें बिना किसी नोटिस या आदेश के हटा दिया गया. हम बस यही चाहते हैं कि हमें सभी प्रयोगशालाओं में वापस रखा जाए और कॉरपोरेशन के तहत बनाए रखा जाए.”

प्रदर्शन कर रहे केमिस्टों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मांग की है कि उन्हें सभी 18 मंडलों की प्रयोगशालाओं में बहाल किया जाए और नए बने कॉरपोरेशन के तहत उनकी सेवाओं को जारी रखा जाए.

पीआईएम/पीएम

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