केंद्र ने जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए खोला पेंशन का रास्ता, राशि भी बढ़ाई : पीएम मोदी

New Delhi, 5 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को कहा कि केंद्र ने जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोल दिया है. साथ ही पेंशन की राशि में भी इजाफा किया है.
एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा लेकर लौटे खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए Prime Minister मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले कैबिनेट में दिव्यांग जनों की पेंशन को लेकर बड़े निर्णय लिए हैं. हमने पेंशन की राशि बढ़ाई है और दिव्यांगता का मानक 80 प्रतिशत से 40 प्रतिशत कर दिया है. पहले पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु होना जरूरी था, अब जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोल दिया है.
बीते महीने Government ने Prime Minister दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत दिव्यांग व्यक्ति के लिए पात्रता की न्यूनतम आयु सीमा को हटा दिया था. इससे अब दिव्यांग व्यक्ति जन्म से ही पेंशन के लिए पात्र हो जाता है. इसमें केंद्रीय सहायता भी बढ़ाकर 79 वर्ष तक के लिए 375 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लिए 625 रुपए प्रति माह कर दी गई है. इसके तहत लाभार्थियों की संख्या 8.33 लाख से बढ़कर 27.48 लाख हो गई है.
Government के मुताबिक, इस निर्णय से तीन समूहों को लाभ होगा. पहले- वे व्यक्ति जो 40 से 79 प्रतिशत के बीच दिव्यांग प्रमाणित हैं और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से हैं. दूसरा – गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में ,मानक दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले बच्चे जन्म से ही स्वीकृत मानदंडों के तहत लाभान्वित होंगे, जबकि पहले परिवार को बच्चे के 18 वर्ष का होने तक इंतजार करना पड़ता था. तीसरे- वे व्यक्ति जो पहले से ही पेंशन प्राप्त कर रहे हैं उन्हें Government द्वारा स्वीकृत 375 रुपए और 625 रुपए की बढ़ी हुई दरें प्राप्त होंगी.
वर्ष 2011 की जनगणना में India में 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्ति दर्ज किए गए थे, जो जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत है. 2016 के अधिनियम की अनुसूची में 21 प्रकार की दिव्यांगताएं निर्धारित की गई हैं.
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