केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने वी.डी. सतीसन सरकार की तारीफ की

तिरुवनंतपुरम, 17 सितंबर . केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने Thursday को Chief Minister वी.डी. सतीसन के नेतृत्व वाली केरल Government की तारीफ की. उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र को राज्य से अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है.

गोपी ने कहा कि राज्य Government अब इस तरह से मदद कर रही है जैसा पिछले 10 सालों में नहीं देखा गया था.

उन्होंने कहा कि वे विकास और केंद्र की योजनाओं से जुड़े मामलों पर Chief Minister सतीसन और राज्य Government के अन्य सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, “आज, हम किसी भी चीज़ के लिए Chief Minister वी.डी. सतीसन और अन्य लोगों से संपर्क कर सकते हैं.”

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से केरल में केंद्र Government की और अधिक योजनाएं लाने में मदद मिलेगी.

गोपी की ये बातें इसलिए अहम हैं क्योंकि केरल में भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य Government अक्सर Political प्रतिद्वंद्वी रही हैं.

उनकी बातों से पता चलता है कि Political मतभेदों के बावजूद वे विकास योजनाओं पर नई राज्य Government के साथ काम करने को तैयार हैं.

गोपी ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में ‘रिपोर्टर टीवी’ के दफ्तर पर हाल ही में हुई छापेमारी में Police की कार्रवाई का भी समर्थन किया.

Police की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि छापेमारी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और कभी भी हो सकती है.

उन्होंने Police की तलाशी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं पर सवाल उठाया, जो इस बात पर निर्भर करती हैं कि तलाशी लेने वाला व्यक्ति पत्रकार है या आम नागरिक.

उन्होंने कहा, “जब Police किसी आम आदमी के घर में घुसती है, तो आमतौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है.”

गोपी ने कहा कि तलाशी लेने वाले अधिकारी आमतौर पर प्रक्रिया के तहत फोन अपने कब्जे में ले लेते हैं और जांच-पड़ताल करते हैं.

उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि ऐसी तलाशी के दौरान पत्रकारों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए; उन्होंने कहा कि पत्रकार भी आम नागरिक ही होते हैं.

उनकी ये बातें ‘रिपोर्टर टीवी’ और उसके मैनेजिंग एडिटर एंटो ऑगस्टीन के खिलाफ Police की कार्रवाई को लेकर चल रहे Political विवाद के बीच आई हैं.

विपक्षी दलों और अन्य लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इस कार्रवाई का मीडिया की आजादी पर असर पड़ सकता है.

केरल Government का कहना है कि Police की कार्रवाई कथित गंभीर अपराधों की जांच से जुड़ी थी और इसका मीडिया संस्थान के कामकाज या उसकी समाचार कवरेज से कोई लेना-देना नहीं था.

हालांकि, गोपी ने Police की कार्रवाई का समर्थन किया और प्रेस की आजादी के नाम पर उठाई गई आपत्तियों के आधार पर सवाल उठाए.

छापेमारी के संदर्भ में मीडिया की आजादी के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर Union Minister ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल पूछने वाले से पूछा, “आप कौन हैं?”

सतीसन Government के साथ सहयोग और ‘रिपोर्टर टीवी’ पर छापेमारी—इन दोनों मुद्दों पर उनकी बातें ऐसे समय में आई हैं जब केंद्र और नई चुनी गई राज्य Government के बीच संबंधों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है. हालांकि केरल में भाजपा और कांग्रेस की मुख्य Political विरोधी बनी हुई हैं, लेकिन गोपी के बयान से यह संकेत मिलता है कि विकास परियोजनाओं पर सहयोग के रास्ते में Political मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए.

वहीं, Police की कार्रवाई का उनका समर्थन, उस जारी बहस में एक नया पहलू जोड़ सकता है जो किसी मीडिया संस्थान के शामिल होने पर Police की शक्तियों की सीमाओं और छापेमारी को लेकर चल रही है.

एससीएच

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