कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी के लिए राजनीतिक बोझ बन गए हैं, खड़गे के वायरल वीडियो पर संजय निरुपम बोले

Mumbai , 2 नवंबर . शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने दिवाली से पहले बीएमसी के पटाखे विरोधी अभियान, अजित पवार गुट के छह वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात और रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण को लेकर प्रतिक्रिया दी. निरुपम ने एनसीपी नेताओं की अमित शाह से मुलाकात को सामान्य Political प्रक्रिया बताया. वहीं, दिवाली पर पटाखे फोड़ने की परंपरा का समर्थन करते हुए Actress दिया मिर्जा पर धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया. खड़गे के वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने उन्हें पूरी पार्टी के लिए Political बोझ करार दिया.
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं की अमित शाह से मुलाकात को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर social media पर अनावश्यक चर्चा की जा रही है. एनसीपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और उसके नेता केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं. इस मुलाकात में Maharashtra के Political हालात या केंद्र Government से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई हो सकती है. गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं का भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना सामान्य बात है और ऐसा होते रहना चाहिए. बैठक में कौन शामिल हुआ और कौन नहीं, इस पर फिलहाल जरूरत से ज्यादा अर्थ निकालना उचित नहीं है.
बीएमसी के पटाखे-विरोधी अभियान और Actress दिया मिर्जा के विरोध को लेकर निरुपम ने कहा कि दिवाली पर पटाखे फोड़ना और पूरे इलाके को रोशनी से जगमगाना सदियों पुरानी परंपरा है. उन्होंने दिया मिर्जा से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अपने समुदाय के लोगों द्वारा Friday को सड़कों पर नमाज पढ़ने की परंपरा का विरोध किया है? निरुपम ने कहा कि Actress दूसरों के धार्मिक मामलों में दखल दे रही हैं, जबकि उन्होंने कभी दूसरे धर्मों की धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं किया. किसी भी धर्म के मामलों में दखल देने से पहले अपने धर्म में मौजूद कुरीतियों पर भी सवाल उठाने की हिम्मत दिखानी चाहिए.
बीएमसी की व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि Mumbai हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत पटाखे फोड़ने को लेकर नियम बनाए गए हैं. निरुपम ने स्पष्ट किया कि दिवाली जरूर मनाई जानी चाहिए और जो लोग परंपरा के अनुसार पटाखे फोड़ना चाहते हैं, वे निर्धारित मर्यादा में अपने परिसर में ऐसा कर सकते हैं. त्योहार मनाने और परंपराओं का पालन करने के साथ जरूरी सीमाओं का ध्यान रखना भी आवश्यक है.
रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं के शोर को लेकर वायरल हुए वीडियो पर संजय निरुपम ने तीखी टिप्पणी की. वीडियो में खड़गे बार-बार कार्यकर्ताओं से चुप रहने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं. साथ ही, वह यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि यदि कार्यकर्ता शांत नहीं हुए तो वह पूरे एक घंटे तक भाषण देंगे. निरुपम ने कहा कि जब कांग्रेस के कार्यकर्ता ही अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का भाषण सुनने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, तो देश की जनता उनकी बातों को कैसे सुनेगी? उन्होंने खड़गे को कांग्रेस के लिए ‘लायबिलिटी’ बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही उनके भाषण और विचारों को लेकर उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है. Patna में Prime Minister Narendra Modi को लेकर खड़गे की टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसके बाद उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है.
निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता खड़गे की छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि अच्छी नहीं है. उन्होंने खड़गे की वक्तत्व शैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके भाषणों में प्रभाव और दम नजर नहीं आता.
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पीएसके/वीसी


