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Wednesday, 4 November 2026
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ज्ञानेश कुमार तो सिर्फ कठपुतली हैं, डोर कोई और खींच रहा है: सांसद अरविंद सावंत

ज्ञानेश कुमार तो सिर्फ कठपुतली हैं, डोर कोई और खींच रहा है: सांसद अरविंद सावंत

Mumbai , 2 नवंबर . शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद अरविंद सावंत ने रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछले 25-30 साल में दिल्ली में इतनी बड़ी रैली नहीं देखी. इसके साथ ही उन्होंने Mumbai Police की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्दी पहनते हैं तो गुलाम मत बनिए, सभी को संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दिया है.

शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा कि आप यकीन नहीं करेंगे. मुझे खुद भी यकीन नहीं हो रहा है. हम दोपहर 12 बजे मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास से निकले और दोपहर 3 बजे रामलीला मैदान के गेट पर पहुंचे. आप भीड़ का अंदाजा भी नहीं लगा सकते. लोगों की भारी संख्या के कारण गाड़ियां एक इंच भी नहीं हिल पा रही थीं. मैंने पिछले 25-30 साल में दिल्ली में, खासकर रामलीला मैदान में इस पैमाने की रैली नहीं देखी है.

उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान के Political इतिहास को देखिए. जब भी वहां कोई आंदोलन होता है, रावण हारता है. यह विरोध केंद्र Government की गतिविधियों के खिलाफ था, जो हमारे अनुसार रावण का काम कर रही है. यह आंदोलन सिर्फ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं था, जो महज एक प्रतिनिधि हैं. वह तो सिर्फ एक कठपुतली हैं जिनकी डोर कोई और खींच रहा है. वह बटन दबाते हैं और उसी के अनुसार नाचते हैं.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “मैं Police से पूछना चाहता हूं. आप बच्चों को हिरासत में लेते हैं और फिर उनकी रैली के लिए अनुमति देते हैं. वाह वाह, Police. कल भी देखिए कैसे आपने तुषार गांधी को वहां से घसीट कर गाड़ी में बैठाया. आप वर्दी पहनते हैं. मैं हाथ जोड़कर आपसे विनती करता हूं, कृपया गुलाम मत बनिए. मैं बस यही कह रहा हूं. उन्हें अनुमति दीजिए. उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है और हमें भी है. क्या हमारे संविधान में यही गारंटी नहीं दी गई है? उसने हमेशा इन अधिकारों को बनाए रखा है.”

उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध-प्रदर्शन करने और ड्रामा करने का पूरा हक है, है न? ड्रामा तो आप लोग ही करते रहते हैं. आप रोते हैं, चिल्लाते हैं, दूसरों को गालियां देते हैं और सब कुछ करते हैं. आप अपने पूरे Political करियर में यही करते आ रहे हैं. हम खुद आपका ड्रामा देख रहे हैं, और पूरी दुनिया भी इसे देख रही है. देश और दुनिया देख सकती है कि असली ड्रामा क्वीन कौन हैं और उनमें से मुख्य Actor कौन है.

अरविंद सावंत ने कहा कि आप हमसे पूछते हैं कि हमें क्या कहना है. हमने इस पर खुलकर बात की है. पहले शिवसेना की बात करते हैं. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) वह पार्टी है जो दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और मूल्यों को आगे बढ़ा रही है.

सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि चाहे वह राहुल गांधी की रैली हो या महा विकास अघाड़ी की रैली, उन्होंने केवल कांग्रेस के इतिहास के कुछ पन्ने उठाए और उनके बारे में बात की, हालांकि उन्होंने ज्ञानेश कुमार के बारे में उठ रहे सवालों का जवाब नहीं दिया है.

उन्होंने कहा कि इसके बजाय वे इतिहास के दूसरे पन्नों की ओर रुख करते रहते हैं. उन्होंने खुद अतीत में जो हु, उसके लिए माफी मांगी है. क्या इसका मतलब यह है कि दोनों पक्ष समान रूप से जिम्मेदार थे? जरा सोचिए उनका दिल कितना बड़ा होगा. सोनिया गांधी ने तो राजीव गांधी की हत्या में शामिल लोगों की रिहाई के लिए पत्र भी लिखा था. क्या इतने बड़े दिल वाला कोई और है?

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केके/वीसी

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