जदयू पर नीतीश कुमार का नियंत्रण खत्म, विधानसभा चुनाव हुआ तो दस सीटें भी नहीं आएंगी: छोटू सिंह

Patna, 3 नवंबर . जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व प्रदेश महासचिव छोटू सिंह ने पार्टी की मौजूदा स्थिति और नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार का अब पार्टी पर पहले जैसा नियंत्रण नहीं रह गया है और कुछ लोग उन्हें घेरकर जदयू को कमजोर करने में लगे हैं. छोटू सिंह ने एमएलसी में पार्टी के खराब प्रदर्शन, वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने और हाल के Political घटनाक्रमों का हवाला देते हुए जदयू के भविष्य पर चिंता जताई. उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि अभी विधानसभा चुनाव हो जाएं तो जदयू को दस सीटें भी मिलना मुश्किल होगा. इस बीच उन्होंने बताया कि वह अगले दिन राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करने जा रहे हैं.
छोटू सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने जदयू को शून्य से शिखर तक पहुंचाया, लेकिन अब कुछ लोग पार्टी को फिर शून्य पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी के भीतर दिखने वाली Political ताकत और दावों के बावजूद कई नेता अंदर से कमजोर हो चुके हैं. उन्होंने विधान परिषद चुनाव में बड़े नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पहले स्नातक चुनावों में नीतीश कुमार को प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती थी, क्योंकि उनके विकास कार्यों के आधार पर लोग पार्टी को समर्थन देते थे. लेकिन, अब स्थिति बदल गई है.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए विकास के अनेक काम किए, लेकिन आज पार्टी चार में से एक सीट भी नहीं जीत सकी. बांकीपुर सीट का जिक्र करते हुए उन्होंने चुनावी नतीजों और मतगणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. छोटू सिंह ने कहा कि पहले परिणाम जल्द आ जाते थे, जबकि अब तीन-तीन दिन बाद नतीजे सामने आ रहे हैं.
जदयू में वरिष्ठ नेताओं को किनारे किए जाने के सवाल पर छोटू सिंह ने कहा कि यदि नीतीश कुमार की इच्छा चल रही होती तो श्याम रजक, नरेंद्र नारायण यादव, महेश्वर हजारी और कुशवाहा समाज के वरिष्ठ नेता मंत्री होते. उन्होंने सवाल किया कि आखिर पार्टी में किसका प्रभाव चल रहा है. पिछले दो वर्षों में नीतीश कुमार की Political सक्रियता में आए बदलाव को सभी देख रहे हैं. कुछ लोग पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के जीतने के बाद भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर छोटू सिंह ने कहा कि राजनीति में जैसा किया जाता है, वैसा जवाब भी मिलता है. उन्होंने कहा कि पहले जदयू ने भी भाजपा से आए लोगों को अपने साथ जोड़ा था और अब भाजपा ऐसा कर रही है. Political दलों को अवसर देने पर दूसरे दल भी वैसा ही कदम उठा सकते हैं.
छोटू सिंह ने अनंत सिंह और आनंद मोहन को पार्टी से बाहर किए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने Government के समर्थन में काम किया और Government के पक्ष में खड़े रहने के कारण आलोचनाएं भी झेलीं. सिंह ने Government बचाने में भूमिका निभाई, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस आधार पर अनंत सिंह और आनंद मोहन को पार्टी से बाहर किया गया.
उन्होंने अनंत सिंह के परिवार से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि परिवार को घर खाली कराने के लिए महज 15-20 दिन का समय दिया गया. उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि यह फैसला पार्टी के कुछ लोगों की मंशा को दर्शाता है. हालांकि, इसके लिए उन्होंने भाजपा या सम्राट चौधरी को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने कहा कि जदयू के ही कुछ लोग पार्टी को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
अपने अगले Political कदम पर छोटू सिंह ने कहा कि वह नीतीश कुमार के साथ हैं और आगे भी उनके प्रति सम्मान बनाए रखेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वह लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करेंगे. उन्होंने लालू यादव को अपना अभिभावक बताते हुए कहा कि उनकी Political यात्रा में लालू ने उन्हें जमीन से आगे बढ़ने का अवसर और सम्मान दिया है. नीतीश कुमार से भी उन्हें सम्मान मिला है और वह दोनों नेताओं के प्रति अपना सम्मान बनाए रखेंगे.
राजद में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की. उन्होंने कहा कि राजनीति में कौन कहां आएगा और कौन कहां जाएगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है. जहां सम्मान मिलेगा, वहां कोई भी जा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी उनका अगला कदम तय नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात पर उनकी नजर है.
छोटू सिंह ने पार्टी के भविष्य को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आज उनकी आंखों में आंसू हैं, क्योंकि चार सीटों में से पार्टी एक भी नहीं जीत सकी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीतीश कुमार को घेरने वाले लोगों की भूमिका पर रोक नहीं लगी तो जदयू को आने वाले विधानसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.


