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Tuesday, 3 November 2026
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देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं राहुल गांधी : मनीषा कायंदे

देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं राहुल गांधी : मनीषा कायंदे

Mumbai , 2 नवंबर . दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं.

से बात करते हुए शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार विरोध प्रदर्शन करते हैं और उन्हीं मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन अपने दावों को कभी साबित नहीं कर पाते. अब तक वे यह साबित नहीं कर पाए हैं कि ईवीएम में कोई खराबी है या वोटों की चोरी हो रही है. इसके अलावा एसआईआर के मामले में भी वे कभी Supreme Court तो कभी President के पास चले जाते हैं. इस तरह का माहौल बनाने की उनकी कोशिशें बार-बार नाकाम हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि चर्चा में बने रहने के लिए राहुल गांधी बस नौटंकी करते हैं. वे विदेशों में यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि India में सब कुछ गड़बड़ हो रहा है. श्रीलंका, फ्रांस जैसे देशों में जो कुछ हुआ, वैसा दृश्य राहुल गांधी India में देखना चाहते हैं.

शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि संविधान की बात करने वाले राहुल गांधी को यह पता होना चाहिए, उनकी Government में ही संविधान की धज्जियां उड़ाई गई. कांग्रेस की Government में आपातकाल लगा, लोगों को बिना किसी नोटिस के कई कई दिनों तक जेल में रखा गया. राहुल गांधी जब संविधान की बात करें तो वे अपनी पार्टी के कारनामों को याद करें.

उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए में शामिल हम सभी लोग हिन्दुस्तान में राहुल गांधी की आराजकता के खिलाफ रैली निकाल रहे हैं.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का जिक्र करते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि अगर उन्हें राहुल की तुलना में ज्यादा मौके दिए जाते तो तस्वीर कांग्रेस की कुछ अलग हो सकती थी. उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी है कि चुनावी हार का आत्मपरीक्षण करना चाहिए. बार-बार ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना ठीक नहीं है.

दूसरी ओर, प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि Mumbai की हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है. ऐसा खासकर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीनों में होता है और यह स्थिति पूरे देश में देखने को मिलती है. दिल्ली और Mumbai में इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कुछ कदम उठाने की जरूरत है. चाहे वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हो, Maharashtra Government का पर्यावरण विभाग हो या Mumbai नगर निगम, सभी को इस दिशा में काम करना होगा.

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डीकेएम/वीसी

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