कर्नाटक सरकार ने ‘मरीन बायोटेक पॉलिसी’ को दी मंजूरी, उडुपी में ब्लू इकोनॉमी इंस्टीट्यूट बनाने का भी फैसला

Bengaluru/Mumbai , 18 सितंबर . कर्नाटक Government ने समुद्री क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए ‘कर्नाटक मरीन बायोटेक्नोलॉजी पॉलिसी- 2026-31’ को मंजूरी दी है. इसके साथ ही तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 12 द्वीपों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का भी फैसला लिया गया है.

पॉलिसी के तहत Government उडुपी में ‘कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन बायोटेक्नोलॉजी एंड ब्लू इकोनॉमी’ स्थापित करेगी. इसके साथ ही अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, एक बायोबैंक और इनक्यूबेशन सेंटर भी बनाया जाएगा. Government ने इस प्रोजेक्ट के लिए अगले पांच साल में 60 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव रखा है. इस पहल से समुद्री जैव संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा.

कैबिनेट ने दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी जिलों में स्थित 12 द्वीपों को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित करने को हरी झंडी दी है. Government का लक्ष्य इन द्वीपों को इको-टूरिज्म हब बनाना है.

दूसरी तरफ, India Government के ‘स्वच्छ India अभियान’ और Prime Minister के ‘स्वच्छता ही सेवा’ आह्वान के तहत Mumbai के जुहू बीच पर ‘इंटरनेशनल कोस्टल क्लीनअप ड्राइव- 2026’ का आयोजन किया गया. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मिलकर ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान चलाया.

कार्यक्रम में पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और सफाई अभियान का नेतृत्व किया. उनके साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव टी. श्रीनिवास कुमार तुम्माला, एनआईओटी के निदेशक प्रो. बालाजी रामकृष्णन, आईआईटी Mumbai के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

हर साल सितंबर में दुनियाभर में ‘इंटरनेशनल कोस्टल क्लीनअप डे’ मनाया जाता है. India में ‘इंडियन कोस्ट गार्ड- 2006’ से तटीय सफाई का समन्वय कर रहा है. इस अभियान में Governmentी विभागों, वैज्ञानिक संस्थानों, एनसीसी कैडेट्स, India स्काउट्स एंड गाइड्स, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और स्थानीय स्वयंसेवकों समेत कुल 500 लोगों ने हिस्सा लिया.

अभियान के दौरान जुहू बीच से लगभग 1,000 किलोग्राम कचरा और समुद्री मलबा हटाया गया. कचरे को अलग-अलग कर निपटान के लिए नागरिक अधिकारियों को सौंपा गया. इसके साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के खतरे और कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया.

एससीएच/एबीएम

Leave a Comment