
New Delhi, 18 सितंबर . India ने Friday को पश्चिमी अरब सागर में 15 सितंबर को भारतीय नौसेना के आईएनएस कोलकाता और Pakistanी नौसेना के जहाज हुनैन के बीच हुई टक्कर को लेकर पड़ोसी देश के आरोपों को खारिज कर दिया और इसे हमेशा की तरह टालमटोल की नीति बताया.
New Delhi में Friday को द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि Pakistanी नौसैनिक जहाज हुनैन का व्यवहार ‘अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर’ था, जिसके कारण यह टक्कर हुई. हालांकि, आईएनएस कोलकाता को कोई नुकसान नहीं हुआ.
जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “हमने हमारे द्वारा दर्ज कराए गए विरोध पर Pakistan की प्रतिक्रिया देखी है. यह वही टालमटोल है, जिसकी हमने उम्मीद की थी. हम इसमें लगाए गए आरोपों और निहितार्थों को खारिज करते हैं. मैं आपके लिए मामले के तथ्यों को दोहराता हूं. आईएनएस कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती पर था, जब Pakistanी नौसैनिक जहाज हुनैन ने समुद्र में अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर तरीके से व्यवहार किया, जिसके परिणामस्वरूप टक्कर हुई.”
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पीएनएस हुनैन द्वारा किया गया खतरनाक ओवरटेकिंग युद्धाभ्यास, सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही पर अग्रिम सूचना पर India और Pakistan के बीच 1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 का घोर उल्लंघन था, जो स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि समुद्र में नौसैनिक इकाइयां एक-दूसरे से तीन समुद्री मील के भीतर नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, Pakistanी जहाज ने समुद्र में टकराव को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन किया. Pakistanी पक्ष को एक बार फिर सलाह दी गई है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी सैन्य इकाइयों को उचित सावधानी बरतने और दोनों पक्षों के बीच प्रासंगिक समझौतों के प्रावधानों का सम्मान करने की आवश्यकता है. इस घटना में आईएनएस कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह अभी भी समुद्र में है.”
दरअसल, Pakistan ने आरोप लगाया कि भारतीय नौसेना के एक जहाज ने उकसाने वाली हरकत की, जिसके कारण अरब सागर में Pakistanी नेवी के जहाज से टक्कर हो गई.
India ने Pakistan उच्चायोग के चार्ज डी’अफेयर्स को Wednesday को तलब किया और समुद्र में Pakistanी नौसेना के जहाज की हरकत के बाद कड़ा विरोध जताया.
इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा था, “New Delhi में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ Pakistan के उच्चायोग के चार्ज डी’अफेयर्स को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और समुद्र में Pakistanी नौसेना यूनिट्स के गलत और अनौपचारिक बर्ताव पर उनसे कड़ा विरोध जताया गया, जिसकी वजह से भारतीय नौसेना की एक यूनिट से टक्कर हो गई.”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना, जो इंटरनेशनल पानी में हुई थी, उससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन Pakistanी नौसेना के जहाज का बर्ताव India और Pakistan के बीच अप्रैल 1991 में हुए सैन्य अभ्यास, युक्तिचालन और सैन्य मूवमेंट पर एडवांस नोटिस के एग्रीमेंट के आर्टिकल 10 का सीधा उल्लंघन था.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “Pakistan के चार्ज डी’अफेयर्स को सलाह दी गई कि वे संबंधित Pakistanी अधिकारियों को बताएं कि सभी सैन्य यूनिट्स को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों पक्षों के बीच हुए संबंधित समझौतों के नियमों का सम्मान करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.”
इसमें आगे कहा गया, “इस्लामाबाद में India के चार्ज डी’अफेयर्स को भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ Pakistan के विदेश मंत्रालय के सामने इसी तरह का विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है.”
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केके/डीकेपी