
हसन, 6 सितंबर . कर्नाटक के हसन जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां शांतिग्राम, हसन तालुक में स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर आवासीय विद्यालय के 172 छात्रों को कथित तौर पर पिछले पांच साल से एक गोशाला में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
यह स्कूल समाज कल्याण विभाग के तहत आता है, जहां कक्षा 6 से 10 तक के कुल 172 छात्र पढ़ते हैं. इनमें 92 लड़के और 80 लड़कियां शामिल हैं. आरोप है कि अलग-अलग सुविधाएं न होने के कारण छात्रों को एक ही जगह पर खाना, सोना और पढ़ाई करना पड़ रहा है. यहां तक कि कक्षा 6 के छात्र जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
छात्रों की स्थिति और भी बदतर बताई जा रही है. 92 लड़कों के लिए सिर्फ 5 शौचालय हैं, जबकि 80 लड़कियों के पास बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं. बताया जा रहा है कि शेड में हवा और रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने इस पर रिपोर्ट मांगी है.
वहीं, समाज कल्याण विभाग का कहना है कि नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है. विभाग के अनुसार, कोई और इमारत नहीं मिल पाने के कारण बच्चों को फिलहाल वहीं रखा गया है.
एक Governmentी आवासीय स्कूल के बच्चों को इस तरह मवेशियों के रहने की जगह पर रखना कई सवाल खड़े करता है. पांच साल से बच्चे इसी हालत में पढ़ने और रहने को मजबूर हैं, जबकि विभाग कह रहा है कि नई बिल्डिंग बन रही है. अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्री की रिपोर्ट के बाद बच्चों के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
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वीकेयू/पीएम