
Bengaluru, 7 सितंबर . 108 फ्री एम्बुलेंस सर्विस के ड्राइवरों ने कर्नाटक Government को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने Monday को चेतावनी दी कि अगर किसी भी विरोध-प्रदर्शन से मरीज प्रभावित हुए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ड्राइवरों से कहा कि वे अपनी मांगों पर बातचीत करने के लिए उस कंपनी से बात करें जिसे Government ने उनके प्रबंधन के लिए नियुक्त किया है.
ध्यान देने वाली बात है कि कर्नाटक में मेडिकल, ट्रॉमा और दुर्घटना जैसी इमरजेंसी के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा (जिसे ‘आरोग्य कवच’ के नाम से जाना जाता है) पूरी तरह से मुफ्त है. कर्नाटक में मुफ्त 108 आरोग्य कवच नेटवर्क के तहत कुल 711 से 715 एम्बुलेंस का बेड़ा है.
एम्बुलेंस ड्राइवरों ने वेतन वृद्धि की सालाना समीक्षा, तीन शिफ्ट में एम्बुलेंस की तैनाती और जोन-वार वेतन प्रणाली को खत्म करने की मांग की है. उन्होंने सभी ड्राइवरों के लिए एक समान वेतन संरचना की मांग की है.
ड्राइवरों ने यह भी मांग की है कि दुर्घटनाओं में मरने वाले एम्बुलेंस ड्राइवरों के परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया जाए. उन्होंने वरिष्ठता के आधार पर और श्रम विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार वेतन की मांग की है.
उन्होंने मांग की है कि हर महीने सात दिनों के भीतर वेतन का भुगतान किया जाए. एम्बुलेंस ड्राइवरों के लिए आराम करने की जगह (रेस्ट रूम) बनाई जाए और मौजूदा शिफ्ट प्रणाली में बदलाव किए जाएं.
ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि अगर Government 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे.
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए खादर ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन और प्रबंधन Government द्वारा नियुक्त निजी कंपनी की जिम्मेदारी है और कंपनी ही वाहन, वेतन, प्रशिक्षण, सफाई, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार है.
खादर ने कहा, “हम इसका प्रबंधन नहीं करेंगे. कंपनी ही वाहन, वेतन, प्रशिक्षण, सफाई, यूनिफॉर्म और बाकी सब कुछ उपलब्ध कराएगी. अगर ड्राइवरों को कोई समस्या है तो उन्हें कंपनी के साथ बैठकर उन पर चर्चा करनी होगी. वे इस मामले को हमारे संज्ञान में भी ला सकते हैं.”
उन्होंने कहा कि अगर कंपनी नियुक्ति के समय ड्राइवरों को लिखित रूप में दिए गए वेतन का भुगतान करने में विफल रहती है, तो Government हस्तक्षेप करेगी.
उन्होंने कहा, “अगर नियुक्ति के समय उन्हें लिखित रूप में किसी खास वेतन का वादा किया गया था और उन्हें वह राशि नहीं दी जा रही है तो वे हमें सूचित कर सकते हैं.”
खादर ने कहा कि कंपनी के रोजगार से जुड़े मामलों में Government की कोई सीधी भूमिका नहीं है और अनुबंध के तहत दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी तरह की कमी के लिए कंपनी को ही जवाबदेह ठहराया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ड्राइवर धरना या विरोध प्रदर्शन करते हैं तो Government को कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन चेतावनी दी कि मरीजों को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. खादर ने चेतावनी दी, “अगर ड्राइवर धरना देते हैं या विरोध-प्रदर्शन करते हैं तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. कंपनी हमारे प्रति जवाबदेह है, लेकिन अगर आम लोगों और मरीजों पर असर पड़ता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
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एससीएच/वीसी