कर्नाटक में अवैध गतिविधियों को उजागर करने से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं: कुमारस्वामी

हासन, 15 सितंबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Tuesday को कहा कि वे कर्नाटक में कथित घोटालों और अवैध गतिविधियों को उजागर करने से पीछे नहीं हटेंगे.

हासन जिले के माविनाकेरे गांव में बोलते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई शुरू करने से पहले भगवान रंगनाथस्वामी का आशीर्वाद लिया था.

उन्होंने कहा कि मैं अपने उस बयान पर कायम हूं, जिसमें मैंने कुछ ऐसा उजागर करने की बात कही है जो पूरे राज्य और देश को हिला देगा. घोटालों और अवैध गतिविधियों को उजागर करने और जनता के सामने लाने से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है.

कुमारस्वामी ने कहा कि वे कथित अवैध गतिविधियों से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखेंगे और सवाल किया कि इन मुद्दों को आगे कौन बढ़ाएगा और इन्हें तार्किक निष्कर्ष तक कौन पहुंचाएगा.

उन्होंने कहा कि मैं एक व्यक्ति हूं. मैं हर बात का तार्किक अंत नहीं कर सकता. अन्याय के विरुद्ध इस संघर्ष का तार्किक अंत ईश्वर ही कर सकता है. सवाल यह है कि इन मुद्दों को कौन आगे बढ़ाएगा और इन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएगा.

उन्होंने कहा कि कथित अवैधताओं पर कोई चुप नहीं रह सकता और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के माध्यम से भर्ती से जुड़े विवाद का उदाहरण दिया.

कुमारस्वामी ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका जाने से पहले ही सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि ये अनियमितताएं मौजूदा Government के कार्यकाल में और मंत्रियों की नाक के नीचे हुई हैं.

पशु चिकित्सकों की भर्ती की जांच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और जांच के दौरान धनराशि जब्त की गई है.

कुमारस्वामी ने पूछा कि यह किसका पैसा है? यह उन गरीब युवाओं का है जो Governmentी नौकरी पाने का सपना देखते हैं. उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है और उनसे जबरन वसूली की गई है. क्या मुझे चुप रहना चाहिए?

उन्होंने 24 एईई उम्मीदवारों की भर्ती में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया और दावा किया कि दस्तावेजों से इन आरोपों की पुष्टि होती है. उन्होंने गृह मंत्री और सूचना एवं जल निकासी मंत्री प्रियांक खड़गे की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भर्ती मुद्दे पर उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दिया है.

कुमारस्वामी ने कहा कि मेरा उद्देश्य अवैध घोटालों को जनता के सामने उजागर करना है. जनता फैसला करेगी. मैं किसी पर कुछ थोप नहीं रहा हूं.

उन्होंने कहा कि वे ये बयान ईश्वर की उपस्थिति में दे रहे हैं और उन्होंने किसी के प्रति व्यक्तिगत द्वेष या ईर्ष्या से प्रेरित होने से इनकार किया.

कुमारस्वामी ने उन दावों का भी खंडन किया कि वे Chief Minister डीके शिवकुमार का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके ही समुदाय का एक व्यक्ति Chief Minister बना है.

शिवकुमार का नाम लिए बिना, कुमारस्वामी ने कहा कि Chief Minister के सत्ता में बने रहने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

उन्होंने कहा कि कई लोग मुझसे कहते हैं कि हमारे ही समुदाय के किसी व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं इन मुद्दों को किसी को प्रताड़ित करने के लिए उजागर नहीं कर रहा हूं. मैं यह जनता के हित में कर रहा हूं.

उन्होंने कहा कि यदि Government कुशलतापूर्वक और बिना किसी घोटाले के शासन करती है तो वे सहयोग करेंगे.

कुमारस्वामी ने कहा कि यदि वे कुशलतापूर्वक और बिना किसी घोटाले के शासन करते हैं, तो मैं सहयोग करूंगा. लेकिन राज्य में सत्ता के दुरुपयोग पर सवाल उठाने में मुझे कोई संकोच नहीं होगा. ईर्ष्या का कोई सवाल ही नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक की जनता की भावनाओं और चिंताओं को उठाए जा रहे मुद्दों से भटकाया नहीं जाना चाहिए.

एमएस/

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