कर्नाटक के 2,459 करोड़ रुपए के पोंजी घोटाले में ईडी का एक्शन, 427 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Bengaluru, 31 अक्टूबर . कर्नाटक के मंगलुरु स्थित Enforcement Directorate (ईडी) ने शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नवर और उनके सहयोगियों की 427.16 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है.
यह कार्रवाई कर्नाटक के बेलगावी क्षेत्र में मुख्य रूप से 35,000 से अधिक निवेशकों से 2,459.49 करोड़ रुपए की पोंजी निवेश घोटाले से संबंधित है.
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है. जब्त की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर, बंगले, कृषि भूमि, आवासीय संपत्तियां और अन्य अचल संपत्ति निवेश शामिल हैं.
Saturday को जारी ईडी की प्रेस बयान के अनुसार, आरोपियों ने शिवम एसोसिएट्स और अन्य संबद्ध संस्थाओं के माध्यम से एक निवेश धोखाधड़ी योजना चलाई, जिसमें निवेशकों को प्रति माह 3 प्रतिशत का असाधारण रूप से उच्च रिटर्न और नए निवेशकों को लाने पर 0.5 प्रतिशत का अतिरिक्त रेफरल कमीशन देने का वादा किया गया था.
बताया जाता है कि यह योजना ‘रेफरल एजेंटों’ (जिन्हें ‘लीडर’ कहा जाता था) के एक नेटवर्क पर टिकी थी. इन एजेंटों को पक्का और आकर्षक रिटर्न देने का वादा करके और अधिक निवेशकों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था. ईडी का अनुमान है कि इस योजना के जरिए 35,000 से अधिक निवेशकों से लगभग 2,459.49 करोड़ रुपए जुटाए गए थे.
जांच में पता चला है कि निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि को कई चैनलों के माध्यम से डायवर्ट और लेयर किया गया था, ताकि इसके स्रोत और उपयोग को छिपाया जा सके.
रिपोर्ट के अनुसार, इस रकम का एक बड़ा हिस्सा जोखिम भरे शेयर बाजार व्यापार में निवेश किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 185.95 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ. जांच में यह भी पता चला कि लगभग 25 करोड़ रुपए श्रीमाता सहकारी ऋण समिति लिमिटेड और धनाश्री बहुउद्देशीय सहकारी समिति लिमिटेड के माध्यम से भेजे गए थे.
ईडी का आरोप है कि निवेशकों के धन का उपयोग कृषि भूमि, आवासीय संपत्तियों, भूखंडों और अन्य अचल संपत्तियों की खरीद में किया गया था. यह भी आरोप है कि पैसा आरोपी की पत्नी और नाबालिग बेटे सहित परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया था.
जांच में शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड और शिवम फूड्स सहित संबंधित व्यावसायिक संस्थाओं में भी धन का पता चला है. लगभग 19 करोड़ रुपए शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड में भेजे गए थे.
जांच के तहत ईडी ने तलाशी अभियान चलाया और दस्तावेज, हस्तलिखित रिकॉर्ड, मोबाइल उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए. एजेंसी ने इससे पहले निवेशकों से प्राप्त धन से बने लगभग 2.02 करोड़ रुपए वाले बैंक खाते और सावधि जमा भी फ्रीज कर दिए थे.
नवीनतम अस्थायी कुर्की में 427,16,37,165 रुपए की संपत्तियां शामिल हैं. इनमें विभिन्न बैंकों और सहकारी समितियों में रखी सावधि जमा, 47 व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट बैंक खातों में शेष राशि, कृषि भूमि, पारिवारिक बंगले और डेवलपर परियोजनाओं में अपार्टमेंट की बुकिंग सहित 42 संपत्तियां, साथ ही सीडीएसएल डीमैट खातों के माध्यम से किए गए शेयर बाजार निवेश शामिल हैं.
अटैच की गई संपत्तियां कुल वसूली 2,459.49 करोड़ रुपए का लगभग 17.4 प्रतिशत हैं, जो उस वित्तीय लेन-देन के पैमाने को दर्शाती हैं जिसका पता लगाने का प्रयास जांचकर्ता कर रहे हैं.
ईडी की जांच जारी है और एजेंसी परिवार के सदस्यों, सहयोगियों, सहकारी समितियों और संबंधित व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से धन के दुरुपयोग की जांच कर रही है.
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एएसएच/डीकेपी


