
Mumbai , 27 अगस्त . ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के प्रवक्ता वारिस पठान ने Actress और BJP MP कंगना रनौत की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कंगना से सार्वजनिक रूप से मुस्लिम समुदाय से माफी मांगने की मांग की. इसके दौरान पठान ने Mumbai के परेल इलाके में हुई झड़प, नेपाल में आई भीषण बाढ़ और न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम से जुड़े सवालों पर भी अपनी राय रखी.
एक टीवी शो में कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर वारिस पठान ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से समाज में नफरत फैलती है. भाजपा से जुड़े लोग मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. कंगना रनौत अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से पूरे मुस्लिम समाज से माफी मांगें. अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों में रिश्तेदारी के अलग-अलग सामाजिक चलन हैं, इसलिए किसी समुदाय के बारे में टिप्पणी करते समय तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए.
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से भी ऐसे बयानों पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि Political नेताओं को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो.
परेल और चिंचपोकली इलाके में ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान हुई झड़प पर वारिस पठान ने Mumbai Police की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि जुलूस में अलग-अलग समुदायों और Political विचारधाराओं से जुड़े लोग शामिल थे और इसका संदेश अमन, शांति और भाईचारे का था. जुलूस के दौरान एक घटना के बाद कुछ तनाव पैदा हुआ, लेकिन Police ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया. उन्होंने Mumbai Police के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई की प्रशंसा की.
social media पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए पठान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दो मुस्लिम युवकों को पकड़कर उनसे जबरन धार्मिक नारे लगवाए. उन्होंने Police से वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि Mumbai में कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए.
पठान ने कुछ दिन पहले गणपति जुलूस के दौरान अंडा फेंके जाने की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने उस घटना की भी निंदा की थी. इस मामले में Police ने आरोपी को गिरफ्तार किया था. Mumbai की पहचान आपसी प्रेम और भाईचारे की है और किसी भी समुदाय के खिलाफ उकसावे या हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.
नेपाल में आई आपदा पर वारिस पठान ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना है. पठान ने दावा किया कि नेपाल में 133 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं. उन्होंने केंद्र Government से एक विशेष सूचना डेस्क बनाने की मांग की, ताकि नेपाल में फंसे भारतीयों के परिवारों को सही और सत्यापित जानकारी मिल सके.
उन्होंने कहा कि India Government को नेपाल Government के साथ मिलकर वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए. साथ ही उन्होंने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत पैकेज देने की भी मांग की. पठान ने कहा कि ऐसी त्रासदी के समय राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर मानवता के आधार पर काम करने की जरूरत है. प्रभावित परिवारों तक सही सूचना पहुंचाना और फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाना प्राथमिकता होनी चाहिए.
न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में हुए विरोध को लेकर सवाल पूछे जाने पर वारिस पठान ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में बात की जाएगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता India में चल रहे मामलों और यहां की समस्याओं को संभालने की है.
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पीएसके