एनसीपीआई के 20 सांसद अवसरवादी और भगोड़ा, सदस्यता खत्म होनी चाहिए: अधीर रंजन चौधरी

मुर्शिदाबाद, 27 अगस्त . कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने Lok Sabha स्पीकर की ओर से एनसीपीआई के 20 सांसदों को नोटिस जारी किए जाने, नेपाल में आई भीषण बाढ़ और न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के विरोध को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एनसीपीआई सांसदों पर दल-बदल और अवसरवाद की राजनीति का आरोप लगाया. वहीं, नेपाल त्रासदी पर चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की अपील की.

एनसीपीआई के 20 सांसदों को अधीर रंजन चौधरी ने ‘अवसरवादी’ और ‘भगोड़ा’ करार दिया. उन्होंने कहा कि ये नेता जनता से वोट लेकर बाद में भाजपा के साथ चले गए. सत्ता और Governmentी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए इन नेताओं ने भाजपा का साथ चुना. सीधे भाजपा में जाने में झिझक के कारण एनसीपीआई को माध्यम बनाया गया. मैं चाहता हूं कि ऐसे नेताओं की सदस्यता समाप्त हो और उन्हें दोबारा चुनाव लड़कर सदन में आने के लिए मजबूर किया जाए. अगर इन नेताओं में हिम्मत है तो वे सदस्यता छोड़कर जनता के बीच जाएं और चुनाव जीतकर दोबारा संसद पहुंचें.

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा पर अधीर रंजन चौधरी ने इसे बेहद गंभीर और दर्दनाक घटना बताया. उन्होंने कहा कि तिब्बत में भूस्खलन, भूकंप के बाद हुए भू-स्खलन, हिमस्खलन और नदियों में अचानक आए उफान ने बड़े क्षेत्र में तबाही मचाई है. नेपाल के साथ-साथ तिब्बत से सटे चीन के इलाकों में भी इसका असर पड़ा है. कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के फंसे होने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य को और तेज करने की जरूरत है. चौधरी ने उम्मीद जताई कि India Government राहत अभियान जारी रखेगी और फंसे हुए भारतीयों को जल्द सुरक्षित निकाला जाएगा. उन्होंने आपदा में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी की.

न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के विरोध को लेकर चौधरी ने कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर वहां के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और India Government को इस मामले को अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाना चाहिए. यदि केंद्र Government को लगता है कि मेयर के बयान से आपत्ति हुई है या किसी तरह की ठेस पहुंची है, तो उसे अमेरिकी प्रशासन और President डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहिए. न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव धर्म के आधार पर नहीं होता.

नेपाल और तिब्बत में हुई प्राकृतिक आपदा के संभावित प्रभाव को लेकर चौधरी ने चेतावनी दी कि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी मात्रा में जमा पानी नीचे की ओर ही आएगा. उन्होंने कहा कि इसका असर India के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है. उन्होंने विशेष रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई और प्रशासन से समय रहते तैयारी करने की जरूरत बताई.

पीएसके

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